पायल न सिर्फ सोलह श्रृंगार में शामिल है बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा भी लाती है। इससे महिलाओं का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। प्राचीन समय में पायल विशेष संकेत के लिए पहनी जाती थी। ताकि कोई स्त्री कहीं आए या जाए तो पायल से उसके आने-जाने का संकेत मिलता रहे और वास्तुशास्त्र के अनुसार पायल के स्वर से नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है।
इसके अलावा पायल पहनने से महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है। वह ऐसे कि पायल की धातु सोना या चांदी जब पैरों से रगड़ती है तो हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद होती है। पायल सोने और चांदी दोनों धातुओं की होती है। चांदी की पायल पहनना अधिक शुभ माना जाता है। सोने की पायल पहनी जाती है। लेकिन सोना गले और सिर की शोभा बढ़ाता है। इसलिए शास्त्रों में सोने की पायल को पैरों में पहनने का जिक्र बहुत कम मिलता है।
सकारात्मक ऊर्जा लाती है पायल

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140
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