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National Water Awards 2020: जल संरक्षण एवं प्रबंधन में उत्तराखंड का यह गांव पहले नंबर पर

नई दिल्ली। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने तीसरे राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2020 की घोषणा की। इनमें  उत्तर प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य का प्रथम पुरस्कार हासिल हुआ, वहीं राजस्थान को द्वितीय और तमिलनाडु को तृतीय पुरस्कार घोषित किया गया। ग्राम पंचायत स्तर पर उत्तरी जोन में उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिला के धसपड़ गांव के लिए प्रथम पुरस्कार घोषित किया गया।
जल शक्ति मंत्रालय ने 2018 में पहला राष्ट्रीय जल पुरस्कार शुरू किया था। राष्ट्रीय जल पुरस्कारों ने स्टार्ट-अप के साथ-साथ प्रमुख संगठनों को वरिष्ठ नीति निर्माताओं के साथ जुड़ने और इस बात पर विचार-विमर्श करने का एक अच्छा अवसर प्रदान किया है कि कैसे सर्वोत्तम जल संसाधन प्रबंधन प्रणालियों को अपनाया जाए।
जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संगठनों को प्रोत्साहित करने और मान्यता देने के लिए, जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग राज्यों, संगठनों, व्यक्तियों आदि को 11 विभिन्न श्रेणियों- सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ मीडिया (प्रिंट एंड इलेक्ट्रॉनिक), सर्वश्रेष्ठ स्कूल, सर्वश्रेष्ठ संस्थान / आरडब्ल्यूए / कैंपस उपयोग के लिए धार्मिक संगठन, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ एनजीओ, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ, और सीएसआर गतिविधि के लिए सर्वश्रेष्ठ उद्योग में 57 पुरस्कार प्रदान कर रहा है। इनमें से कुछ श्रेणियों में देश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए उप-श्रेणियां हैं। विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, ट्रॉफी और नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2020
विजेताओं की सूची
क्रम संख्या
नाम
श्रेणी (क्षेत्र के साथ यदि कोई हो)
स्थान
1.
उत्तर प्रदेश
“सर्वश्रेष्ठ राज्य”
पहला
2.
राजस्थान
“सर्वश्रेष्ठ राज्य”
दूसरा
3.
तमिलनाडु
“सर्वश्रेष्ठ राज्य”
तीसरा
4.
मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
“सर्वश्रेष्ठ जिला, उत्तरी जोन”
पहला
5.
शहीद भगत सिंह नगर, पंजाब
“सर्वश्रेष्ठ जिला, उत्तरी जोन”
दूसरा
6.
तिरुअनंतपुरम, केरल
“सर्वश्रेष्ठ जिला, दक्षिण जोन”
पहला
7.
कडप्पा, आंध्र प्रदेश
“सर्वश्रेष्ठ जिला, दक्षिण जोन”
दूसरा
8.
पूर्वी चंपारण, बिहार
“सर्वश्रेष्ठ जिला, पूर्वी जोन”
पहला
9.
गोड्डा, झारखंड
“सर्वश्रेष्ठ जिला, पूर्वी जोन”
दूसरा
10.
इंदौर, मध्य प्रदेश
“सर्वश्रेष्ठ जिला, पश्चिम जोन”
पहला
11.
वडोदरा, गुजरात
“सर्वश्रेष्ठ जिला, पश्चिम जोन”
दूसरा (संयुक्त विजेता)
12.
बांसवाड़ा, राजस्थान
“सर्वश्रेष्ठ जिला, पश्चिम जोन”
दूसरा (संयुक्त विजेता)
13.
गोलपारा, असम
“सर्वश्रेष्ठ जिला, उत्तर-पूर्व जोन”
पहला
14.
सियांग, अरूणाचल प्रदेश
“सर्वश्रेष्ठ जिला, उत्तर-पूर्व जोन”
दूसरा
15.
धसपड़, अल्मोड़ा, उत्तराखंड
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, उत्तर जोन”
पहला
16.
जमोला, रजौरी, जम्मू-कश्मीर
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, उत्तर जोन”
दूसरा
17.
बलुआ, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, उत्तर जोन”
तीसरा
18.
येलेरामपुरा पंचायत, टुमकुरू जिला, कर्नाटक
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, दक्षिण जोन”
पहला
19.
वेल्लापुथुर पंचायत, चेंगलपट्टु जिला, तमिलनाडु
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, दक्षिण जोन”
दूसरा
20.
एलापुल्ली ग्राम पंचायत, पल्लकड़ जिला, केरल
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, दक्षिण जोन”
तीसरा
21.
तेलारी पंचायत, गया जिला, बिहार
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, पूर्वी जोन”
पहला
22.
छिंदिया पंचायत, सूरजपुर जिला, छत्तीसगढ़
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, पूर्वी जोन”
दूसरा
23.
गुनी पंचायत, खूंटी जिला, झारखंड
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, पूर्वी जोन”
तीसरा
24.
तखतगढ़, साबरकंठा, गुजरात
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, पश्चिमी जोन”
पहला
25.
कंकापार, कच्छ, गुजरात
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, पश्चिमी जोन”
दूसरा
26.
सुर्डी, सोलापुर, महाराष्ट्र
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, पश्चिमी जोन”
तीसरा
27.
सियालसिर, सिरचिप, मिज़ोरम
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, उत्तर-पूर्व जोन”
पहला
28.
अमिंडा, सिमसंग्रे, पश्चिम गारो हिल्स, मेघालय
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, उत्तर-पूर्व जोन”
दूसरा
29.
चम्बाग्रे, पश्चिम गारो हिल्स, मेघालय
“सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, उत्तर-पूर्व जोन”
तीसरा
30.
वापी, शहरी स्थानीय निकाय, गुजरात
“सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय”
पहला
31.
डपोरी, नगर पंचायत, महाराष्ट्र
“सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय”
दूसरा
32.
मदुरै, नगर निगम, तमिलनाडु
“सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय”
तीसरा
33.
मिशन पानी (नेटवर्क 18)
“सर्वश्रेष्ठ मीडिया (प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक)”
पहला
34.
अग्रोवोन, साकाल मीडिया प्रा. लि. (आदिनाथ दत्तात्रेय चव्हान)
“सर्वश्रेष्ठ मीडिया (प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक)”
दूसरा
35.
संदेश डेली भुज संस्करण
“सर्वश्रेष्ठ मीडिया (प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक)”
तीसरा
36.
राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक स्कूल, कावेरीपट्टीनम, तमिलनाडु
“सर्वश्रेष्ठ स्कूल”
पहला
37.
अमालोरपवम, लॉर्ड्स एकैडमी, थिरूवल्लुअर, पुदुचेरी
“सर्वश्रेष्ठ स्कूल”
दूसरा
38.
एमिटी इंटरनैशनल स्कूल, नोएडा, यूपी
“सर्वश्रेष्ठ स्कूल”
तीसरा (संयुक्त विजेता)
39.
राजकीय मध्य स्कूल, मनापेट, पुदुचेरी
“सर्वश्रेष्ठ स्कूल”
तीसरा (संयुक्त विजेता)
40.
माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, जम्मू
“परिसर उपयोग के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान/आरडबल्यूए/ धार्मिक संगठन”
पहला
41.
आईआईटी, गांधीनगर, गुजरात
“परिसर उपयोग के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान/आरडबल्यूए/ धार्मिक संगठन”
दूसरा
42.
भारतीय तेल निगम लिमिटेड, फरीदाबाद
“परिसर उपयोग के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान/आरडबल्यूए/ धार्मिक संगठन”
तीसरा
43.
वेलस्पन इंडिया टेक्सटाइल लिमिटेड, गुजरात
“सर्वश्रेष्ठ उद्योग”
पहला
44.
ह्युंडई मोटर इंडिया लिमिटेड, तमिलनाडु
“सर्वश्रेष्ठ उद्योग”
दूसरा
45.
ट्राइडेंट (टेक्सटाइल) लिमिटेड, पंजाब
“सर्वश्रेष्ठ उद्योग”
तीसरा (संयुक्त विजेता)
46.
भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड, नई दिल्ली
“सर्वश्रेष्ठ उद्योग”
तीसरा (संयुक्त विजेता)
47.
कोस्टल सैलिनिटी प्रिवेंशन सेल, अहमदाबाद
“सर्वश्रेष्ठ एनजीओ”
पहला
48.
विवेकानंद नार्डेप, कन्याकुमारी
“सर्वश्रेष्ठ एनजीओ”
दूसरा
49.
ग्राम विकास संस्था, औरंगाबाद
“सर्वश्रेष्ठ एनजीओ”
तीसरा (संयुक्त विजेता)
50.
विवेकानंद अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, भावनगर
“सर्वश्रेष्ठ एनजीओ”
तीसरा (संयुक्त विजेता)
51.
पंचगछिया एमडीटीडब्ल्यू डब्ल्यूयूए, हुगली, पश्चिम बंगाल
“सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ”
पहला
52.
हथिनदा चंपा, पुरुलिया, पश्चिम बंगाल
“सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ”
दूसरा
53.
एमटोर मिनी रिवर लिफ्ट इरिगेशन डब्ल्यूयूए, पुरुलिया, पश्चिम बंगाल
“सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ”
तीसरा
54.
आईटीसी लिमिटेड, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
“सीएसआर गतिविधि के लिए सर्वश्रेष्ठ उद्योग”
पहला
55.
अडानी फाउंडेशन, गुजरात
“सीएसआर गतिविधि के लिए सर्वश्रेष्ठ उद्योग”
दूसरा
56.
एचएएल, बैंगलुरु, कर्नाटक
“सीएसआर गतिविधि के लिए सर्वश्रेष्ठ उद्योग”
तीसरा (संयुक्त विजेता)
57.
धरमपाल सत्यपाल लिमिटेड, नोएडा, उत्तर प्रदेश
“सीएसआर गतिविधि के लिए सर्वश्रेष्ठ उद्योग”
तीसरा (संयुक्त विजेता)
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत में पानी की वर्तमान आवश्यकता प्रति वर्ष लगभग 1,100 बिलियन क्यूबिक मीटर अनुमानित है, जिसके वर्ष 2050 तक 1,447 बिलियन क्यूबिक मीटर तक बढ़ जाने का अनुमान है।
एक संसाधन के रूप में पानी भारत के लिए महत्वपूर्ण है, जो दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत में दुनिया की पूरी आबादी का 18% से अधिक लोग रहते हैं, लेकिन इसके पास दुनिया के नवीकरणीय जल संसाधनों का केवल 4% हिस्सा है।
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि इसी पृष्ठभूमि में सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देशभर में राज्यों, जिलों, व्यक्तियों, संगठनों आदि द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्यों और प्रयासों को मान्यता देने और प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कार (एनडब्ल्यूए) की स्थापना की गई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि सतही जल और भूजल जल चक्र का अभिन्न अंग हैं, देश में जल संसाधन प्रबंधन के प्रति समग्र दृष्टिकोण अपनाने के लिए हितधारकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक एकीकृत राष्ट्रीय जल पुरस्कार स्थापित करना आवश्यक समझा गया। इसके अलावा, यह लोगों में पानी के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने और उन्हें जल उपयोग के सर्वोत्तम तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास है।

 

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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