उत्तराखंड में मवेशियों की इस नस्ल को पालने वाले डेयरी किसान को मिल सकता है राष्ट्रीय पुरस्कार

Rajesh Pandey
नई दिल्ली। पशुपालन और डेयरी विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए ऑनलाइन नामांकन आमंत्रित किए हैं।
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2023 के लिए नामांकन/आवेदन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in के माध्यम से 15 अगस्त 2023 से किया जा सकता है। नामांकन/आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितम्‍बर, 2023 है।

भारत की स्वदेशी गोजातीय नस्लें बहुत अच्छी हैं और उनमें राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आनुवंशिक क्षमता मौजूद है। स्वदेशी गोजातीय नस्लों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और विकास करने के उद्देश्य से देश में पहली बार दिसंबर 2014 में “राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम)” की शुरुआत की गई थी।

आरजीएम के तहत, दूध उत्पादक किसानों, डेयरी सहकारी समितियों/एफपीओ और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों (एआईटी) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, विभाग 2023 के दौरान भी इन तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार प्रदान कर रहा है:

I. पंजीकृत स्वदेशी मवेशी/भैंस नस्लों को पालने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान (देखें- पंजीकृत नस्लों की सूची संलग्न)। उत्तराखंड में बद्री नस्ल को एनजीआरए 2023 के लिए पंजीकृत किया गया है।

II. सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (डीसीएस)/दूध उत्पादक कंपनी (एमपीसी)/डेयरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ)।

III. सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी)।

राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2023 में पहली दो श्रेणियों यानी सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान और सर्वश्रेष्ठ डीसीएस/एफपीओ/एमपीसी को निम्‍नानुसार योग्यता प्रमाण पत्र, एक स्मृति चिन्ह और नकद पुरस्कार शामिल हैं:

• प्रथम स्‍थान के लिए 5,00,000/- रुपये (पांच लाख रुपये मात्र)।

• दूसरे स्‍थान के लिए 3,00,000/- रुपये (तीन लाख रुपये मात्र)।

• तीसरे स्‍थान के लिए 2,00,000/- रुपये (दो लाख रुपये मात्र)।

सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) श्रेणी के मामले में, तीनों श्रेणियों के लिए पुरस्कार में केवल योग्यता प्रमाणपत्र और एक स्मृति चिन्ह शामिल है।

ये पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस (26 नवंबर, 2023) के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे। पात्रता मानदंड और नामांकन की ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट https://awards.gov.in या https://lahd.nic.in पर लॉग इन करें-

मवेशियों की पंजीकृत नस्‍लें एनजीआरए 2023 के लिए)

क्र.सं.नस्‍लगृह प्रदेश
1अमृत महलकर्नाटक
2बछौरबिहार
3बरगुरतमिलनाडु
4डांगीमहाराष्ट्र और मध्य प्रदेश
5देवनीमहाराष्ट्र और कर्नाटक
6गावलावमहाराष्ट्र और मध्य प्रदेश
7गिरगुजरात
8हल्लीकरकर्नाटक
9हरियाणाहरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान
10कंगायमतमिलनाडु
11कांकरेजगुजरात और राजस्थान
12केनकथाउत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश
13खीरीगढ़उत्‍तर प्रदेश
14खिल्लरमहाराष्ट्र और कर्नाटक
15कृष्णा घाटीकर्नाटक
16मालवीमध्य प्रदेश
17मेवातीराजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश
18नागौरीराजस्थान
19निमाड़ीमध्य प्रदेश
20ओंगोलआंध्र प्रदेश
21पोनवारउत्‍तर प्रदेश
22पुंगनूरआंध्र प्रदेश
23राठीराजस्थान
24रेड कंधारीमहाराष्ट्र
25रेड सिंधीकेवल संगठित खेतों पर
26साहीवालपंजाब और राजस्थान
27सिरीसिक्किम और पश्चिम बंगाल
28थरपारकरराजस्थान
29अम्‍बलाचेरीतमिलनाडु
30वेचुरकेरल
31मोटूओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश
32घुमुसरीओडिशा
33बिंझरपुरीओडिशा
34खारियरओडिशा
35पुलिकुलमतमिलनाडु
36कोसलीछत्तीसगढ
37मलनाड गिद्दाकर्नाटक
38बेलाहीहरियाणा और चंडीगढ़
39गंगातीरीउत्तर प्रदेश और बिहार
40बद्रीउत्तराखंड
41लखिमीअसम
42लद्दाखीजम्मू और कश्मीर
43कोंकण कपिलामहाराष्‍ट्र, गोवा
44पोडाथुरपुतेलंगाना
45नारीराजस्थान और गुजरात
46डगरीगुजरात
47थुथोनगालैंड
48श्‍वेता कपिलागोवा
49हिमाचली पहाड़ीहिमाचल प्रदेश
50पूर्णियाबिहार
51कठाणीमहाराष्‍ट्र
52संचोरीराजस्‍थान
53मसीलममेघालय

 

भैंस की पंजीकृत नस्‍ले एनजीआरए 2023 के लिए)

क्रम संख्‍यानस्‍लगृह प्रदेश
1 भदावरीउत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश
2जाफराबादीगुजरात
3 मराठवाड़ीमहाराष्ट्र
4मेहसाणागुजरात
5मुर्राहहरियाणा
6 नागपुरीमहाराष्ट्र
7 नीली रविपंजाब
8 पंढरपुरीमहाराष्ट्र
9 सुरतिगुजरात
10 टोडातमिलनाडु
11 बन्नीगुजरात
12 चिल्काओडिशा
13 कालाहांडीओडिशा
14 लुइत (दलदल)असम और मणिपुर
15बरगुरतमिलनाडु
16 छत्तीसगढ़ीछत्तीसगढ़
17 गोजरीपंजाब और हिमाचल प्रदेश
18 धारवाड़ीकर्नाटक
19 मांडाओडिशा
20 पूर्णाथाडीमहाराष्ट्र

 

साभार- पीआईबी

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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