मछली पालकों को इस ऐप पर मिलेंगी खास जानकारियां

Rajesh Pandey

केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री, श्री गिरिराज सिंह ने मत्स्य कृषकों  के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रम मोबाइल ऐप “मत्स्य सेतु” लॉन्च किया

केंद्रीय मत्स्यपशुपालन और डेयरी मंत्री ने ऑनलाइन पाठ्यक्रम मोबाइल ऐप “मत्स्य सेतु” लॉन्च किया।

इस ऐप को आईसीएआर- केंद्रीय  मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीफा)भुवनेश्वर ने राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी)हैदराबाद के वित्त पोषण के साथ विकसित किया है।

ऑनलाइन पाठ्यक्रम ऐप का उद्देश्य देश के जलकृषकों के लिए नवीनतम मीठाजल कृषि प्रौद्योगिकियों का प्रसार करना है।

मत्स्य सेतु ऐप में प्रजाति-वार / विषय-वार स्व-शिक्षण ऑनलाइन पाठ्यक्रम मॉड्यूल हैं, जहाँ प्रसिद्ध जलकृषि विशेषज्ञ कार्पकैटफिशस्कैम्पी, मर्रेल, सजावटी मछली, मोती की खेती तथा व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण मछलियों के प्रजननबीज उत्पादन और ग्रो-आउट संवर्धन पर बुनियादी अवधारणाओं और व्यावहारिक प्रदर्शनों की व्याख्या करते हैं।

मिट्टी और पानी की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए बेहतर प्रबंधन पद्धतियों  का पालन करनाजलकृषि कार्यों में भोजन और स्वास्थ्य प्रबंधन भी पाठ्यक्रम मंच में प्रदान किया गया।

अतिरिक्त शिक्षण सामग्री के साथमॉड्यूल को शिक्षार्थियों की सुविधा के लिए छोटे वीडियो अध्यायों में विभाजित किया गया है। शिक्षार्थियों को प्रेरित करने और एक जीवंत सीखने का अनुभव प्रदान करने के लिएस्व-मूल्यांकन के लिए प्रश्नोत्तरी / परीक्षण विकल्प भी प्रदान किए गए हैं।

प्रत्येक पाठ्यक्रम मॉड्यूल के सफल समापन परएक ई-प्रमाण पत्र स्वतः उत्पन्न किया जा सकता है। किसान ऐप के माध्यम से भी अपनी शंकाएं पूछ सकते हैं और विशेषज्ञों से विशिष्ट सलाह प्राप्त कर सकते हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20050 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मत्स्य पालन क्षेत्र का टिकाऊ और जिम्मेदार विकास के लिए सितंबर 2020 में  प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएसवाई) की शुरुआत की थी।

पीएमएसवाई के तहत अतिरिक्त 70 लाख टन मत्स्य उत्पादनएक लाख करोड़ रुपये मत्स्य निर्यातअगले पांच वर्षों में 55 लाख रोजगार सृजन आदि के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार और हितधारकों के बीच सहयोगात्मक और ठोस प्रयासों के साथ बहुआयामी रणनीतियों की आवश्यकता है।

यह ऐप देशभर में हितधारकोंविशेष रूप से मछुआरोंमछली किसानोंयुवाओं और उद्यमियों के बीच विभिन्न योजनाओं पर नवीनतम जानकारी का प्रसार करनेउनकी सहायता करने और व्यापार करने में आसानी की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण भी हो सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐप किसानों के लिए सीखने के लिए एक अद्भुत मंच के रूप में काम करेगा।

Keywords:- Online Course Mobile App “Matsya Setu”, Fish Farmers in India, National Fisheries Development Board (NFDB), ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture, ICAR-CIFA, Catfish, Scampi, Murrel, Ornamental fish, Pearl farming

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केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री, श्री गिरिराज सिंह ने मत्स्य कृषकों  के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रम मोबाइल ऐप “मत्स्य सेतु” लॉन्च कियाकेंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री ने ऑनलाइन पाठ्यक्रम मोबाइल ऐप “मत्स्य सेतु” लॉन्च किया।इस ऐप को आईसीएआर- केंद्रीय  मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीफा), भुवनेश्वर ने राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी), हैदराबाद के वित्त पोषण के साथ विकसित किया है।ऑनलाइन पाठ्यक्रम ऐप का उद्देश्य देश के जलकृषकों के लिए नवीनतम मीठाजल कृषि प्रौद्योगिकियों का प्रसार करना है।मत्स्य सेतु ऐप में प्रजाति-वार / विषय-वार स्व-शिक्षण ऑनलाइन पाठ्यक्रम मॉड्यूल हैं, जहाँ प्रसिद्ध जलकृषि विशेषज्ञ कार्प, कैटफिश, स्कैम्पी, मर्रेल, सजावटी मछली, मोती की खेती तथा व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण मछलियों के प्रजनन, बीज उत्पादन और ग्रो-आउट संवर्धन पर बुनियादी अवधारणाओं और व्यावहारिक प्रदर्शनों की व्याख्या करते हैं।मिट्टी और पानी की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए बेहतर प्रबंधन पद्धतियों  का पालन करना, जलकृषि कार्यों में भोजन और स्वास्थ्य प्रबंधन भी पाठ्यक्रम मंच में प्रदान किया गया।अतिरिक्त शिक्षण सामग्री के साथ, मॉड्यूल को शिक्षार्थियों की सुविधा के लिए छोटे वीडियो अध्यायों में विभाजित किया गया है। शिक्षार्थियों को प्रेरित करने और एक जीवंत सीखने का अनुभव प्रदान करने के लिए, स्व-मूल्यांकन के लिए प्रश्नोत्तरी / परीक्षण विकल्प भी प्रदान किए गए हैं।प्रत्येक पाठ्यक्रम मॉड्यूल के सफल समापन पर, एक ई-प्रमाण पत्र स्वतः उत्पन्न किया जा सकता है। किसान ऐप के माध्यम से भी अपनी शंकाएं पूछ सकते हैं और विशेषज्ञों से विशिष्ट सलाह प्राप्त कर सकते हैं।इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20050 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मत्स्य पालन क्षेत्र का टिकाऊ और जिम्मेदार विकास के लिए सितंबर 2020 में  प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएसवाई) की शुरुआत की थी।पीएमएसवाई के तहत अतिरिक्त 70 लाख टन मत्स्य उत्पादन, एक लाख करोड़ रुपये मत्स्य निर्यात, अगले पांच वर्षों में 55 लाख रोजगार सृजन आदि के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार और हितधारकों के बीच सहयोगात्मक और ठोस प्रयासों के साथ बहुआयामी रणनीतियों की आवश्यकता है।यह ऐप देशभर में हितधारकों, विशेष रूप से मछुआरों, मछली किसानों, युवाओं और उद्यमियों के बीच विभिन्न योजनाओं पर नवीनतम जानकारी का प्रसार करने, उनकी सहायता करने और व्यापार करने में आसानी की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण भी हो सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐप किसानों के लिए सीखने के लिए एक अद्भुत मंच के रूप में काम करेगा।

 

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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