Gen Z themed post office IIT Delhi: देश का पहला जेन-जी (Gen Z)–थीम आधारित डाकघर

Rajesh Pandey

Gen Z themed post office IIT Delhi: नई दिल्ली, 20 नवंबर, 2025: भारतीय डाक ने अपने आधुनिकीकरण अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए आईआईटी दिल्ली में नए सिरे से तैयार देश का पहला जेन-जी (Gen Z)–थीम आधारित डाकघर शुरू किया है।

आईआईटी दिल्ली का यह नया कैंपस डाकघर शैक्षणिक परिसरों में डाक सेवाओं से जुड़ाव के पूरी तरह नए मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है। छात्रों के सहयोग से तैयार किया गया यह केंद्र आधुनिक सौंदर्यशास्त्र, वाई-फाई सक्षम क्षेत्र, आईआईटी फाइन आर्ट्स सोसाइटी की क्रिएटिव ग्रैफिटी और कलाकृतियों, तथा स्मार्ट सर्विस टचपॉइंट्स जैसे- क्यूआर-आधारित पार्सल बुकिंग और छात्र–अनुकूल स्पीड पोस्ट छूट जैसी सुविधाओं से लैस है।

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आईआईटी दिल्ली परिसर में आईआईटी हौज खास के नए सिरे से तैयार डाकघर

Gen Z themed post office IIT Delhi

यह बदलाव राष्ट्रीय स्तर की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत 15 दिसंबर 2025 तक शैक्षणिक परिसरों में स्थित 46 डाकघरों को नए सिरे से तैयार किया जाना निर्धारित है।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है छात्रों की सक्रिय भागीदारी, जिसमें भारतीय डाक छात्रों को ब्रांड एम्बेसडर, पोस्ट ऑफिस डिजाइन के सह-निर्माता और सोशल मीडिया आउटरीच सहयोगी के रूप में शामिल कर रहा है।

Gen Z themed post office IIT Delhi

देश में पहली बार, आईआईटी दिल्ली में स्टूडेंट फ्रैंचाइज़ मॉडल भी लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से छात्रों को डाक संचालन का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही छात्रों के लिए विशेष ब्रांडेड पार्सल पैकिंग की सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि वे आसानी से पार्सल बुक कर सकें।

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उद्घाटन समारोह में आईआईटी दिल्ली के निदेशक, डीन, फैकल्टी सदस्यों और छात्र संगठनों के योगदान की सराहना की गई , जिनकी रचनात्मक दृष्टि, सहभागिता और उत्साह से यह आधुनिक डाक घर को आकार मिल पाया है। भारतीय डाक देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में आधुनिक, आकर्षक और सुलभ पोस्टल स्पेस बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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