Doiwala News: सेबूवाला,सिंधवाल गांव में जाखन नदी की पुलिया टूटने से जोखिम उठा रहे ग्रामीण

Rajesh Pandey
जाखननदी की टूटी पुलिया पर चलना जोखिम बना है। फोटो- सार्थक पांडेय

डोईवाला। न्यूज लाइव

डोईवाला विधानसभा के अंतर्गत सेबूवाला सहित कई गांवों को जोड़ने वाली जाखन नदी की पुलिया टूटने से ग्रामीणों को जोखिम उठाना पड़ रहा है। कांग्रेस परवादून जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने टूटे पुल से होते हुए जाखन नदी को पार किया और ग्रामीणों से मुलाकात की। उनियाल ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से जाखन नदी पर पुलिया बनाने की मांग की है।

उनियाल ने बताया, सेबूवाला गांव पर सरकारी सिस्टम की अव्यवस्थाओं की मार पड़ रही है। करीब दो साल पहले कालबन-इठारना मोटरमार्ग के निर्माण को मलबा फेंके जाने से जाखन नदी का बहाव रुकने से झील बन गई थी। मलबे से सेबूवाला गांव का लगभग छह दशक पुराना सिंचाई सिस्टम ध्वस्त हो गया था। इस गांव में 24 घंटे पहुंचने वाला पानी बंद हो गया था। गांव में बने किसान मेहर सिंह के मछली पानी के तालाब सूखने पर उनको भारी नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने बताया, गांव की लगभग तीन एकड़ से ज्यादा खेती को लगभग दो साल तक सरकारी सिस्टम की अनदेखी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के अथक प्रयासों की वजह से सिंचाई व्यवस्था बहाल हो सकी। हालांकि ग्रामीणों को अभी डर सता रहा है कि कहीं जाखन में ज्यादा पानी आने से उनकी सिंचाई व्यवस्था ध्वस्त न हो जाए।

उनियाल ने बताया, अब जाखन नदी की पुलिया टूट गई है, जबकि ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन के समक्ष पुलिया टूटने का अंदेशा जताया था, पर कार्यवाही नहीं हो पाई। इन दिनों बरसात में नदी में ज्यादा पानी आने से आवागमन ठप हो जाता है। ग्रामीणों को जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ रही है।

क्षेत्रीय किसान मेहर सिंह मनवाल,उर्मिला मनवाल,गीता मनवाल,देवेंद्र सिंह मनवाल,वीर सिंह रावत ने प्रशासन से सेबूवाला की पुलिया के निर्माण की मांग की है।

 

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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