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सीएम धामी ने पिथौरागढ़ के विकास के लिए कीं कई घोषणाएं

पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ के डीडीहाट में पांच दिवसीय डीडीहाट महोत्सव के शनिवार को समापन पर कुमाऊंनी बोली में संबोधित किया। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने डीडीहाट नगर से सिराकोट मंदिर तक रोपवे निर्माण, जीजीआईसी डीडीहाट का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय देव सिंह डसीला के नाम पर करने, डीडीहाट खेल मैदान के विस्तारीकरण घोषणा की। खेल मैदान के लिए उन्होंने जिलाधिकारी को प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए।

सीएम ने घसाड़ विद्यालय का उच्चीकरण करने, डीडीहाट नगर के आंतरिक मार्गों के निर्माण व सौंदर्यीकरण की स्वीकृति तथा डीडीहाट महोत्सव को प्रत्येक वर्ष राजकीय मेले के रूप में मनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद की 18 फीट ऊंची मूर्ति “स्टेच्यू ऑफ मोरालिटी“ का लोकार्पण भी किया गया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज अपनों के बीच आकर अभिभूत हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग पहचान बनी है।

उन्होंने कहा केन्द्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए ऑलवेदर रोड, भारत माला प्रोजेक्ट, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की योजनाओं की सौगात दी है। उत्तराखंड में आवागमन और अधिक सुगम होगा।

पेयजल मंत्री विशन सिंह चुफाल ने कहा कि डीडीहाट क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिले को जोड़ने वाली सभी सड़कों की स्थिति बेहतर होने से यहां तक पंहुचने में पर्यटकों को आसानी हो रही है।

सांसद अजय टम्टा ने कहा कि आज प्रदेश में रेलवे लाइन निर्माण के साथ ही सीमांत क्षेत्र तक सड़कों को पहुंचाया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दो लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट का वितरण करते हुए नवजात बच्चे को गोद में लेकर आशीर्वाद दिया।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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