छह माह में सभी स्कूलों में पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, बिजली की सुविधाएं हो जाएं, बजट की कोई कमी नहींः सीएम

Rajesh Pandey
देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि अधिकारियों का जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद रहना चाहिए। जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे लोगों को सीधा लाभ मिले।
मुख्यमंत्री ने बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को वास्तव में लाभ मिले और उनकी समस्याएं दूर हों।
जनता की सरकार जनता के द्वार की परिकल्पना साकार होनी चाहिए। मुख्यमंत्री, सचिवालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली तथा दोनों मंडलायुक्त, जिलों के मुख्य विकास अधिकारी, एसएसपी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी गर्मियों के सीज़न को देखते हुए यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि लोगों को पेयजल की दिक्कत न हो। ज़रूरी होने पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी कर ली जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा हमारे लिए टॉप प्रायोरिटी पर है। यह सुनिश्चित किया जाए कि अगले छह माह में सभी स्कूलों में पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, बिजली आदि सभी सुविधाएं हों। इसके लिए बजट की कोई कमी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-गवर्नेंस का प्रभावी क्रियान्वयन हो। लोगों को वास्तव मे इसका लाभ मिले। छोटी-छोटी सेवाओं के लिए जनता परेशान न हो। जिलों में महत्वपूर्ण घटनाएं होने पर सरकार और शासन को जरूर अवगत कराएं। आने वाले समय में वनाग्नि को रोकने का कुशल प्रबंधन हो। इसके लिए अभी से तैयारी कर ली जाए।
उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस के मामलों की लगातार मानिटरिंग की जाए। आगामी चार धाम यात्रा और पर्यटन के सीज़न को देखते हुए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित कर लिया जाएं। पार्किग की व्यवस्था के लिए प्लान कर लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से मनरेगा और स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोविड काल में लाकडाउन के समय कोविड-19 के दिशा-निर्देश के उल्लंघन पर लोगों पर हुए मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। मुख्यमंत्री ने चमोली जिलाधिकारी से तपोवन आपदा से प्रभावित गांवों में पुनः कनेक्टीविटी सुचारू करने के बारे में जानकारी ली।

Key Words: Effective Implementation of e-governance, Facility of drinking water in Uttarakhand’s School, MNREGA, Self Employment Schemes in Uttarakhand

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देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि अधिकारियों का जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद रहना चाहिए। जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे लोगों को सीधा लाभ मिले।मुख्यमंत्री ने बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को वास्तव में लाभ मिले और उनकी समस्याएं दूर हों।जनता की सरकार जनता के द्वार की परिकल्पना साकार होनी चाहिए। मुख्यमंत्री, सचिवालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली तथा दोनों मंडलायुक्त, जिलों के मुख्य विकास अधिकारी, एसएसपी भी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी गर्मियों के सीज़न को देखते हुए यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि लोगों को पेयजल की दिक्कत न हो। ज़रूरी होने पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी कर ली जाएं।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा हमारे लिए टॉप प्रायोरिटी पर है। यह सुनिश्चित किया जाए कि अगले छह माह में सभी स्कूलों में पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, बिजली आदि सभी सुविधाएं हों। इसके लिए बजट की कोई कमी नहीं है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-गवर्नेंस का प्रभावी क्रियान्वयन हो। लोगों को वास्तव मे इसका लाभ मिले। छोटी-छोटी सेवाओं के लिए जनता परेशान न हो। जिलों में महत्वपूर्ण घटनाएं होने पर सरकार और शासन को जरूर अवगत कराएं। आने वाले समय में वनाग्नि को रोकने का कुशल प्रबंधन हो। इसके लिए अभी से तैयारी कर ली जाए।उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस के मामलों की लगातार मानिटरिंग की जाए। आगामी चार धाम यात्रा और पर्यटन के सीज़न को देखते हुए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित कर लिया जाएं। पार्किग की व्यवस्था के लिए प्लान कर लिया जाए।मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से मनरेगा और स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोविड काल में लाकडाउन के समय कोविड-19 के दिशा-निर्देश के उल्लंघन पर लोगों पर हुए मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। मुख्यमंत्री ने चमोली जिलाधिकारी से तपोवन आपदा से प्रभावित गांवों में पुनः कनेक्टीविटी सुचारू करने के बारे में जानकारी ली।
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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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