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चार धाम यात्रा सुचारू, 18 सितंबर से अब तक साढ़े तीन लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

देहरादून। उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2021 चारधाम यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। श्री बदरीनाथ धाम एवं श्री केदारनाथ धाम में हल्की बर्फवारी हुई। वहीं श्री गंगोत्री एवं श्री यमुनोत्री धाम में बादल छाए, पर मौसम सामान्य है।

बुधवार 27 अक्तूबर 2021 की शाम चार बजे तक तीर्थयात्रियों एवं दर्शनार्थियों की संख्या इस प्रकार है-

श्री बदरीनाथ धाम – 5835
श्री केदारनाथ धाम – 6775 (हेली यात्री सहित )
श्री गंगोत्री धाम- 830
श्री यमुनोत्री धाम- 696
कुल दर्शनार्थियों की संख्या – 14136

18 सितंबर से 27अक्टूबर तक चारधाम पहुंचे संपूर्ण तीर्थ यात्रियों की संख्या 3,48,232 (तीन लाख अड़तालीस हजार दो सौ बत्तीस) है।

एक अक्तूबर से 26 अक्टूबर तक हेलीकाप्टर से श्री केदारनाथ धाम पहुंचे तीर्थ यात्रियों की संख्या 23107 है।

आवश्यक सूचना
• श्री बदरीनाथ धाम एवं श्री केदारनाथ धाम में बर्फवारी
• श्री केदारनाथ धाम में हल्की बर्फ जमी।
• हेलीकॉप्टर सेवा सामान्य रूप से संचालित हो रही है।
• हेलीपैड एवं रास्तों से बर्फ हटाई गयी।
चारों धामों श्री बदरीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम, श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री की यात्रा जारी है।
•चारधाम यात्रा के लिए अब http:/smartcitydehradun.uk.gov.in में तीर्थयात्री सीधे पंजीकरण करा सकते हैं। देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर ई पास बनाने की आवश्यकता नहीं है।

देवस्थानम बोर्ड की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री तुंगनाथ धाम के कपाट बंद होने की तैयारियां चल रही हैं। 30 अक्टूबर मध्याह्न को भगवान श्री तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद होंगे।

यात्रा वर्ष 2021 उत्तराखंड के चार धामों के कपाट बंद होने की तिथियां इस तरह है-

(1)श्री बदरीनाथ धाम -20 नवंबर
(2) श्री केदारनाथ धाम – 6 नवंबर
(3) यमुनोत्री धाम -6 नवंबर
(4)श्री गंगोत्री धाम -5 नवंबर

•पंच केदार

•श्री मद्महेश्वर जी- 22 नवंबर
•श्री मद्महेश्वर मेला- 25 नवंबर
•श्री तुंगनाथ जी -30 अक्टूबर

 उत्तराखंड चारधाम जानेवाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने चारधाम यात्रा बस टर्मिनल ऋषिकेश में निशुल्क कोविड जांच केंद्र स्थापित किया है। साथ ही, विभिन्न विभागों के हेल्प डेस्क यात्रियों की सहायता कर रहे हैं।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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