इस सप्ताह शुक्रवार को अवकाश होने के कारण पहला शिविर शनिवार को आयोजित किया जाएगा
पहाड़ की महिलाओं के लिए बड़ी राहत, अब घर के नजदीक मिलेगी समय पर जांच और उपचार की सुविधा
Breast Cancer Screening Camps Uttarakhand: देहरादून, 29 अप्रैल, 2026ः राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। राज्य के पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल जिलों में स्तन कैंसर की समय रहते पहचान के लिए आधुनिक तकनीक डिवाइस के माध्यम से सप्ताह में दो बार स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों की शुरुआती पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करना है।
कहां-कहां लगाए गए हैं डिवाइस
Breast Cancer Screening Camps Uttarakhand:एनएचएम के सहायक निदेशक डॉ. फीदुज्जफर ने बताया, आधुनिक तकनीक डिवाइस के माध्यम से स्क्रीनिंग से स्तन कैंसर की प्रारंभिक पहचान संभव हो सकेगी। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं तक यह सुविधा पहुंचे और समय रहते उनका उपचार सुनिश्चित किया जा सके। एनएचएम द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जनपद पौड़ी गढ़वाल में दो आधुनिक तकनीक डिवाइस जिला चिकित्सालय में और एक उप जिला चिकित्सालय में स्थापित किए गया है।
वहीं ,टिहरी गढ़वाल में एक डिवाइस जिला चिकित्सालय में लगाया गया है। इन डिवाइसों के माध्यम से प्रारंभिक जांच की जा सकेगी, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को भी लाभ मिलेगा।
हर मंगलवार-शुक्रवार को लगेंगे शिविर
Breast Cancer Screening Camps Uttarakhand:निर्देशों के तहत सभी एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) क्लीनिकों में कैंप मोड में हफ्ते में दो बार स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को लगाए जाएंगे। हालांकि, इस सप्ताह शुक्रवार को अवकाश होने के कारण पहला शिविर शनिवार को आयोजित किया जाएगा। प्रति कैंप में अधिक से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है।
संदिग्ध मामलों में तुरंत मिलेगा उपचार
स्क्रीनिंग के दौरान जिन महिलाओं में स्तन कैंसर के लक्षण संदिग्ध पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास रेफर किया जाएगा। इससे समय रहते जांच और उपचार शुरू हो सकेगा, जो इस बीमारी से बचाव में बेहद महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर पहचान होने से स्तन कैंसर के मामलों में मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण
एनएचएम ने इस अभियान के सफल संचालन के लिए प्रत्येक एनसीडी क्लीनिक में एक चिकित्सा अधिकारी (MO) और एक स्टाफ नर्स (SN) को नामित करने के निर्देश दिए हैं। ये दोनों कर्मचारी शिविरों के आयोजन और संचालन के लिए जिम्मेदार होंगे। साथ ही, सभी स्क्रीनिंग से संबंधित डेटा एनसीडी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा और प्रतिदिन शाम 4 बजे तक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
निदेशक एनएचएम उत्तराखंड डॉ. रश्मि पंत ने कहा यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। शुरुआती स्तर पर कैंसर की पहचान होने से उपचार की सफलता दर बढ़ती है और जीवन बचाया जा सकता है।
मिशन निदेशक, एनएचएम उत्तराखंड मनुज गोयल ने कहा यह कार्यक्रम राज्य में कैंसर नियंत्रण के प्रयासों को मजबूत करेगा। नियमित शिविरों के माध्यम से हम ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की स्क्रीनिंग कर पाएंगे और संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान सुनिश्चित होगी। हमारी प्राथमिकता है कि हर महिला तक यह सुविधा पहुंचे।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही हैं आधुनिक जांच सुविधाएंः सचिन कुर्वे
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव सचिन कुर्वे ने कहा, राज्य सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्तन कैंसर जैसे गंभीर रोग की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। आधुनिक तकनीक डिवाइस के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक आधुनिक जांच सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगी, बल्कि महिलाओं में जागरूकता भी बढ़ाएगी। हमने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को गंभीरता से लागू करें और अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ा जाए। समय पर स्क्रीनिंग से इस बीमारी पर नियंत्रण संभव है और हम इसी दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं।




