भगवान केदारनाथ के द्वारपाल रक्षक भैरवनाथ जी के मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद

Rajesh Pandey

श्री केदारनाथ धाम। 29 अक्तूबर 2024

श्री केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज रविवार तीन नवंबर को शीतकाल के लिए बंद हो रहे हैं। श्री केदारनाथ धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या लगभग 15.75 लाख पहुंच गई है। पंद्रह हजार से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन श्री केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंच रहे हैं।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि चार दिन पश्चात केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। इसी क्रम में मंगलवार अपराह्न डेढ़ बजे भगवान केदारनाथ के द्वारपाल रक्षक भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान से बंद हो गए हैं।

आज पूर्वाह्न 11.30 बजे श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर के पुजारी, वेदपाठी तीर्थ पुरोहित समाज के पदाधिकारी भैरवनाथ मंदिर पहुंचे तथा भकुंट भैरवनाथ जी के जलाभिषेक के बाद पूजा-अर्चना की, भोग समर्पित किया तथा हवन यज्ञ संपन्न हुआ।

इस अवसर पर सबके कल्याण तथा चारधाम यात्रा के निर्विघ्न समापन की प्रार्थना की गई। इसके पश्चात अपराह्न डेढ़ बजे भगवान भैरवनाथ जी के मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

इस अवसर पर मंदिर समिति पूर्व कार्याधिकारी /समन्वयक आरसी तिवारी, केदारनाथ मंदिर प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग, वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, तीर्थ पुरोहित की संस्था केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पूर्व अध्यक्ष विनोद शुक्ला, पंचपंडा समिति अध्यक्ष अमित शुक्ला ,भैरवनाथ के पश्वा अरविंद शुक्ला, कुलदीप धर्म्वाण, ललित त्रिवेदी, प्रबल सिंह रावत आदि मौजूद रहे।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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