Pelvis Acetabulum Surgery AIIMS Rishikesh: एम्स ऋषिकेश में फ्रैक्चर कूल्हों की निशुल्क सर्जरी और उपचार

Rajesh Pandey

Pelvis Acetabulum Surgery AIIMS Rishikesh: ऋषिकेश, 15 मई 2026ः एम्स ऋषिकेश में कूल्हे की हड्डियों को जोड़ने तथा उनको सही जगह फिक्स करने की सर्जरी ‘पेल्विस ऐसिटाबुलम सर्जरी’ नियमित तौर पर की जा रही है। खास बात यह है कि यह आयुष्मान योजना में कवर है और सरकारी खर्चे पर पूरी तरह निशुल्क है।

Pelvis Acetabulum Surgery AIIMS Rishikesh: पेल्विस ऐसिटाबुलम सर्जरी अत्यंत जटिल सर्जरी है। किसी सड़क दुर्घटना में या बहुत अधिक ऊंचाई या पहाड़ से नीचे गिर जाने की स्थिति में तीव्र आघात की वजह से कूल्हे की हड्डी टूटने पर यह सर्जरी की जाती है। ट्राॅमा के ऐसे मामलों में कभी-कभी हड्डी टूटने के साथ ही पेट की चोट, आंतों की चोट अथवा पेशाब की थैली में भी गहरी चोट लग जाती है। इस वजह से घायल व्यक्ति न तो बैठ पाता है और न ही चल पाता है।

इसके लक्षणों में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की कमर और कूल्हे के जोड़ों में असहनीय दर्द, पैर नहीं चलना और बैठने व खड़े होने में परेशानी होना शामिल है।

Pelvis Acetabulum Surgery AIIMS Rishikesh: इस जटिल सर्जरी में ऑपरेशन के दौरान यूरिन ब्लैडर, इंस्टेस्टाइन, बड़ी रक्त वाहिकाओं और नसों का विशेष ध्यान रखना होता है।

ट्रॉमा सर्जरी विभाग के हेड प्रोफेसर डाॅ. कमर आजम ने बताया कि यह एक जटिल सर्जरी है और दुर्घटना के कारण क्षतिग्रस्त कूल्हे का सही वक्त पर सटीक इलाज किया जाना बहुत जरूरी है। एम्स में इस सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है।

क्या है पेल्विस और एसिटाबुलम सर्जरी?
पेल्विस (रीढ़ की हड्डी का निचला हिस्सा जो कूल्हे से जुड़ता है) और एसिटाबुलम कूल्हे के जोड़ (सॉकेट) सर्जरी के जटिल फ्रैक्चर को ठीक करने के लिए की जाने वाली यह एक प्रमुख ऑर्थोपेडिक प्रक्रिया है।

आमतौर पर यह परेशानी भीषण दुर्घटनाओं के दौरान गंभीर चोट लगने या नीचे गिरने से होती है। इस सर्जरी में एमआरआई कम्पेटिबल धातु की प्लेटों और पेंचों का उपयोग करके कूल्हे की हड्डियों को स्थिर किया जाता है।

9 माह में की गईं 69 सर्जरी
एम्स ऋषिकेश में ट्राॅमा सर्जन असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. मान सिंह जारोलिया इस जटिल सर्जरी के गहन जानकार हैं। डाॅ. मान सिंह ने जुलाई 2025 में एम्स ज्वाॅइन करने के बाद 10 मई 2026 तक पेल्विस ऐसिटाबुलम की 69 सर्जरी की हैं। इसमें 15 वर्षीय युवक से लेकर अधिकतम 85 वर्ष की उम्र के एक वयोवृद्ध की सर्जरी शामिल है।

इससे पहले डॉ. मान सिंह अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर इथियोपिया अफ्रीका, ऑस्ट्रिया और यूरोप देशों में अनुभव हासिल कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए यह सेवा उच्च गुणवत्ता के इंप्लांट के साथ पूर्णत निःशुल्क है।

“ट्राॅमा सर्जरी और इमरजेंसी सेवाओं को संस्थान सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उच्च अनुभवी डाॅक्टरों की टीम की बदौलत हम ट्राॅमा केयर में अपनी उत्कृष्टता बनाए हुए हैं। खासतौर से ट्राॅमा सर्जरी के मामले में एम्स विश्व स्तरीय तकनीक का इस्तेमाल कर इलाज में बेहतर अनुभव और कौशलता का उपयोग कर रहा है। चिकित्सक गंभीर स्थितियों और जटिल ट्राॅमा मामलों को संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं।”
– प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक एम्स ऋषिकेश 

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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