धारकोट गांव से शुरू हुआ पौधों को गोद लेने का अभियान

Rajesh Pandey

देहरादून (धारकोट), 19 जुलाई, 2026ः पर्यावरण संरक्षण को लेकर केवल पौधे लगाने की औपचारिकता से आगे बढ़कर उनके जीवन को सुरक्षित करने का एक बड़ा अभियान उत्तराखंड में शुरू हो गया है। ‘देहरादून यूथ नेटवर्क’ (उत्तराखंड यूथ नेटवर्क) ने विलेज धारकोट में ‘Adopt a Plant’ (पौधा गोद लें) अभियान का भव्य शुभारंभ किया। यह विशेष पर्यावरण संरक्षण अभियान पूरे एक महीने तक 16 अगस्त 2026 तक निरंतर चलाया जाएगा।

अब सिर्फ पौधा लगाना नहीं, उसे बचाना भी है। अक्सर देखा जाता है कि हर साल मानसून के मौसम में सरकारी और सामाजिक स्तर पर लाखों की संख्या में पौधे लगाए तो जाते हैं, लेकिन नियमित देखभाल और पानी के अभाव में कई पौधे समय से पहले ही दम तोड़ देते हैं। इसी गंभीर समस्या का समाधान निकालने के लिए देहरादून यूथ नेटवर्क ने इस बार एक नई सोच के साथ कदम बढ़ाया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि लगाए गए शत-प्रतिशत पौधों को जीवित रखना और उनका संरक्षण सुनिश्चित करना है।

अभियान के पहले दिन युवाओं और बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने अपने-अपने गांवों में छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित कर न केवल उत्साहपूर्वक एक-एक पौधा लगाया, बल्कि उन्हें ‘Adopt’ (गोद) भी किया। बच्चों ने पूरे जोश के साथ संकल्प लिया कि वे अपने द्वारा लगाए गए पौधे की रोजाना नियमित देखभाल करेंगे और उसे तब तक सींचेंगे जब तक वह एक मजबूत और स्वस्थ पेड़ नहीं बन जाता।

सामाजिक कार्यकर्ता आदर्श राठौर ने बताया, देहरादून यूथ नेटवर्क के इस अनूठे प्रयास की सराहना पर्यावरण क्षेत्र की अग्रणी संस्था HESCO भी कर रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी और बच्चों में पेड़ों के प्रति गहरा जुड़ाव व जागरूकता बढ़ाना है। जब एक बच्चा खुद पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी लेता है, तो उसमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना स्वतः विकसित होती है।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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