अपनी पसंद के डिजाइनर बेबी हो सकेंगे पैदा

Rajesh Pandey
  • इस खोज में एक एनआरआई भारतीय वैज्ञानिक भी शामिल
    वाशिंगटन


    अब पहली बार अमेरिका में जेनेटिकली मॉडिफाइड इंसानी भ्रूण विकसित किए गए हैं, बेशक ये डिजाइनर बेबी पैदा करने की दिशा में कोई क्रांति नहीं है, लेकिन इस ओर पहला कदम रख दिया गया है।  पहली बार दुनिया में अमेरिका बीते साल चीन ने भी ये कोशिश की थी, जिसमें मानव भ्रूण को बदलने के लिए क्रिसपर नाम की एक नई तकनीक का इस्तेमाल किया जो जींस में काट-छांट कर सकती है और इस मामले में इसने दिल का दौरा पड़ सकने वाले जींस हटा दिए, हालांकि इससे फिर से नैतिकता से जुड़े सवाल उठ खड़े हुए हैं, लेकिन अब तक इंसानी भ्रूण को इंसान के भीतर रोपा नहीं गया है। ये आम कोशिकाएं नहीं हैं, बल्कि पहली बार जेनिटिकली विकसित किए गए इंसानी भ्रूण हैं, जो अमेरिका में तैयार किए गए हैं। चीन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के वैज्ञानिकों की एक टीम ने इस बात की पहचान की कि कैसे वह जीन हटा सकते हैं, जिसकी वजह से बाद के जीवन में दिल की परत मोटी हो जाती है और दिल के दौरे का ख़तरा बढ़ जाता है, इस टीम के एक सदस्य कश्मीर में जन्मे और दिल्ली में पढ़े डॉ संजीव कौल भी हैं, जो बाद में अमेरिका चले गए।

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *