उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्रों वाले डिग्री कॉलेजों में 72 नये असिस्टेंट प्रोफेसरों को तैनाती

Rajesh Pandey

देहरादून। न्यूज लाइव ब्यूरो

उत्तराखंड के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयों में 72 नये असिस्टेंट प्रोफेसरों को तैनाती दी गई है। सभी नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों को प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालयों में तैनाती दी गई है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया,  उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से चयनित विभिन्न विषयों के 72 असिस्टेंट प्रोफेसरों को भी प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालयों में तैनाती दी गई है।

इनमें अर्थशास्त्र विषय के 28, अंग्रेजी के 25 और समाजशास्त्र के 19 सहायक प्राध्यापक शामिल हैं।

नये 72 सहायक प्राध्यापकों को विभिन्न जनपदों में नियुक्तियां दी गईं। उत्तरकाशी में 03, अल्मोड़ा में 12, पिथौरागढ़ 08, नैनीताल 01, टिहरी 06, पौड़ी 16, देहरादून 02, बागेश्वर 08, चमोली 12, चम्पावत 03 तथा रुद्रप्रयाग में एक असिस्टेंट  प्रोफसर को तैनाती दी गई है।

उन्होंने बताया कि विभाग ने विभिन्न विषयों के लिए सहायक प्राध्यापकों के 455 पदों पर भर्ती का अधियाचन राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा था, जिनमें से आयोग ने 15 विषयों के 140 चयनित सहायक प्राध्यापकों की सूची विभाग को उपलब्ध कर दी है, जिनको विभाग ने विभिन्न पर्वतीय जनपदों के महाविद्यालयों में तैनाती दी है। शेष 315 पदों पर चयन प्रक्रिया गतिमान है।

उन्होंने बताया, अब तक उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लगभग 90 फीसदी से अधिक पदों को भरा जा चुका है। महाविद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती से पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर उच्च शिक्षा प्राप्त होगी। डॉ. रावत ने बताया कि शिक्षकों की नियुक्ति महाविद्यालयों में नैक मूल्यांकन में सहायता मिलेगी। साथ ही, महाविद्यालय स्तर पर विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का भी संचालन किया जा सकेगा।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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