By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: मां, तू तो मृत शैया पर अच्छी लगती है…
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > Blog Live > मां, तू तो मृत शैया पर अच्छी लगती है…
Blog Live

मां, तू तो मृत शैया पर अच्छी लगती है…

Rajesh Pandey
Last updated: June 5, 2018 9:52 pm
Rajesh Pandey
9 years ago
Share
SHARE

कहते हैं कि मां का दिल बहुत बड़ा होता है और वो अपने बच्चों के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर देती है। अगर यह बात सही है तो मां, तू क्यों जिंदा होना चाहती है। मां हम तुझे मृत देखना चाहते हैं। क्या तू खुद को जीवित करके अपने बेटों के सुख, सियासत, ऐश्वर्य, धन संपदा को छीनना चाहती है। तू तो धरती पर साक्षात देवी कही जाती है और हमने जब भी जरूरत पड़ी, तुझको मां कहकर पुकारा और तुझे सम्मान दिया है।

जब तुझे मृत होने के बाद भी हम सम्मान दे रहे हैं और तेरा गुणगान कर रहे हैं तो तू फिर जी कर क्या करेगी। मां तू तो हमें मृतशैया पर ही अच्छी लगती है, क्योंकि तेरी इस स्थिति को देश दुनिया में दिखाकर हमें करुण क्रंदन का मौका जो मिलता है। हमने तो तेरे दम पर अपनी सियासत की है। इतनी सी बात भी तू नहीं जानती मां, जब वर्षों से चल रहे इलाज के बाद भी तू मृत्यु के मुंह से बाहर नहीं आ सकी, तो हम क्या कर लेंगे और मात्र जीवित रहने का तमगा लेकर तो तेरा उद्धार होने से रहा, भले ही तू दुनिया के पापों को हरण करके सबका उद्धार करती रहे। मां अपने उन बच्चों की तरफ तो देख, जो तेरे नाम पर खा कमा रहे हैं।

वर्षों से चल रहे तेरे इलाज पर अरबों का बिल बन गया है और तू है कि जीने की चाह पाले बैठी है। अगर तू फिर से जिंदा हो गई तो उनका क्या होगा, जो तेरे नाम पर अपनी गुजर बसर कर रहे हैं। तुझे तेरे अपने लोगों ने मार डाला, हम तो बस केवल इतना ही तो कर रहे हैं कि तू जिंदा न हो सके। अगर मां तू जीवित हो गई तो हम तो बिना बात के मारे जाएंगे न।

यह तेरी भूल है, हम तुझे जिंदा करने की नहीं बल्कि तुझे संवारने की स्क्रिप्ट लिख रहे हैं, कभी-कभी रिहर्सल भी कर लेते हैं। हमारे इस ड्रामे में तेरा जो किरदार है, वो मृत होकर भी अविरल उद्धार करने वाली जीवनदायिनी का है। अगर तू जिंदा होगी, तो हमारे इस तमाशे का क्या होगा, जिसकी हम वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि यह तो तुझको मरा हुआ दिखाकर ही ख्याति पाएगा। हम तो तेरे नाम पर रचे इस ड्रामे की रिहर्सल से ही इतने प्रसिद्ध हो गए कि पूछो मत।

हम देश दुनिया में तेरे नाम पर आंसू बहाते हैं और तेरे तट आंगन को अपना बसेरा बनाना चाहते हैं, क्योंकि हम जानते हैं कि पौराणिक काल से चल रहा दुनिया के उद्धार का सिलसिला आज भी अनवरत रूप से जारी है। तेरा नाम लेने से ही उमड़ने वाला आस्था का ज्वार हमारी सियासी ताकत बन जाता है, लेकिन मां हमारी तुझसे विनती है कि तू मृत शैया पर ही रहना। अगर तू ठीक हो गई तो उन संवेदनाओं का क्या होगा, जिनसे हम वर्षों से खेल रहे हैं। मां तू जिंदा मत होना, क्योंकि इसमें ही हमारा भला है….। हम जानते हैं कि तू हमारा बुरा नहीं करेगी, इसलिए तू मृत शैया पर ही रहेगी मां…।

You Might Also Like

गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी को देश में तीसरा स्थान
“पत्रकारिता पॉलिटिशियन्स के हाथों का खिलौना बन रही”
उत्तराखंड में बिजली पर राजनीतिः बिजली नहीं होने से पलायन कर गया यह गांव
डोईवाला में छठ पूजा 2024 की खास झलकियां सार्थक पांडेय के कैमरे से
पहाड़ में खेतीः कब निकलेगी धूप, कब कूटे जाएंगे मंडुवा और झंगोरा
TAGGED:childrenEarthmother's heart is very bigpolitical dramapoliticsUttarakhand newswealthwhy do you want to be alive? children's happiness
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article नारियल से बेहतर होता है सूरजमुखी तेल 
Next Article जो सुर्खियों में हैं, वो मैं नहीं… 
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?