देहरादून,, 02 जुलाई, 2025: उत्तराखंड में राजकीय और निजी नर्सिंग कॉलेजों में इस बार भी प्रवेश प्रक्रिया पहले की तरह ही होगी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- प्रवेश प्रक्रिया: इस वर्ष भी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया पूर्व की भांति ही संचालित होगी ताकि छात्रों को समय पर प्रवेश मिल सके।
- समिति का गठन: भविष्य में नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को आईएनसी (भारतीय नर्सिंग परिषद) दिशानिर्देशों के अनुरूप बनाने के लिए एच.एन.बी. चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। यह समिति एक ठोस प्रस्ताव तैयार कर शासन को सौंपेगी।
- निजी कॉलेजों की मांग: निजी नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन ने 50% सीटें सीधे भरने की अनुमति मांगी, जबकि शेष 50% सीटें विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा से भरी जाएं। इसके बावजूद रिक्त रहने वाली सीटों को भरने की अनुमति भी एसोसिएशन को दी जाए।
- कुलपति डॉ. ओंकार सिंह ने बताया कि प्रवेश परीक्षा और तीन काउंसलिंग के बाद भी रिक्त रहने वाली सीटों को निजी संस्थान न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर स्वयं भर सकते हैं, यह व्यवस्था नर्सिंग पाठ्यक्रम अधिनियम में है।
- मंत्री का निर्देश: डॉ. रावत ने विश्वविद्यालय प्रशासन को समयबद्धता को देखते हुए इस बार की प्रवेश प्रक्रिया पूर्व की भांति आयोजित करने का निर्देश दिया।
- अगले सत्र की तैयारी: अगले शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया को और पारदर्शी और सुलभ बनाया जाएगा। इसके लिए गठित पांच सदस्यीय समिति में निजी नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन के दो सदस्य भी शामिल होंगे। समिति की रिपोर्ट और आईएनसी की गाइडलाइन के आधार पर शासन नई गाइडलाइन जारी करेगा।
बैठक में उपस्थित अधिकारी:
बैठक में सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार, एच.एन.बी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, कुलसचिव मेडिकल विश्वविद्यालय डॉ. आशीष उनियाल, रजिस्ट्रार नर्सिंग काउंसिल मनीषा ध्यानी, निजी नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन के पदाधिकारी और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।




