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राहत देने वाले हैं कैबिनेट के फैसले, मानदेय बढ़ाने के साथ पदों की स्वीकृतियां

देहरादून। उत्तराखंड कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में उपनल कर्मचारियों तथा आशा कार्यकर्ताओं को राहत प्रदान की गई। कैबिनेट के कुछ निर्णय इस प्रकार हैं-

आशा कार्यकर्ताओं के बैंक खाते में न्यूनतम 6500 रुपये दिए जाएंगे। मानदेय के अन्तर्गत 1000 रुपये और प्रोत्साहन राशि के रूप में 500 रुपये दिए जाएंगे।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में यथोचित वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।

उपनल से संबंधित कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की गई है। दस साल से कम सेवा वाले कर्मचारियों के मानदेय में दो हजार रुपये प्रतिमाह तथा दस साल से अधिक सेवा वाले कर्मचारियों के मानदेय में तीन हजार रुपये प्रतिमाह वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा प्राकृतिक न्याय को देखते हुए हर वर्ष एक निश्चित धनराशि की वृद्धि की व्यवस्था वित्त विभाग करेगा।

मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत ग्राम प्रधानों से संबंधित मानदेय 1500 से बढ़ाकर 3000 किया गया।

सरकारी गल्ला विक्रेता से संबंधित भुगतान के लिए वित्त विभाग 14 करोड़ रुपये खाद्य विभाग को देगा। इसकी प्रतिपूर्ति भारत सरकार से मिलने वाले बजट से की जाएगी।

सोमेश्वर में मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत अस्पताल का सौ बेड में उच्चीकरण किया जाएगा।

खरीफ 2021-22 धान क्रय मूल्य समर्थन मूल्य को कॉमन श्रेणी में 1940 तथा  ग्रेड-1 में 1960 रुपये करने का निर्णय किया गया।

500 पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि दी जाएगी, जिसमें 10 लाख मनरेगा मद से,  25 प्रतिशत पंचायत अनुदान मद से और 25 प्रतिशत राज्य सेक्टर से दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री की घोषणा के अन्तर्गत राजकीय स्कूलों में दसवीं, 12वीं के लिए 3 लाख टेबलेट पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के 1,59,015 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। उच्च शिक्षा के अन्तर्गत एक लाख पांच हजार विद्यार्थी लाभान्वित किए जाएंगे।

उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालय में 65 पद स्टेनोग्राफर और 65 पद डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के लिए आउटसोर्सिंग मद से स्वीकृत किए गए।

चिकित्सा परिवार कल्याण स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वास्थ्य परिवेक्षक पद से सम्बन्धित सेवा नियमावली में संशोधन किया गया।

दून मेडिकल कॉलेज में बर्न यूनिट के लिए 35 पदों का सृजन किया गया।

पंचायती राज विभाग के विभागीय ढांचे में सहायक निदेशक पद को समाप्त करके उपनिदेशक का एक पद स्वीकृत किया गया।

राज्य आपदा पुनर्वास विभाग में पदों की संख्या घटाकर 333 से 331 की गई, दो अनुपयोगी पदों को समाप्त किया गया।

यूजीसी के अन्तर्गत राजकीय एवं अशासकीय डिग्री कॉलेजों में करियर एडवांसमेंट योजना के अन्तर्गत प्रोन्नति के लिए छानबीन सह-मूल्यांकन समिति में संशोधन किया जाएगा।

खनन विभाग की संरचनात्मक ढांचे में एक पद आईएएस स्तर का महानिदेशक के लिए स्वीकृत किया गया।

पलायन रोकने एवं स्वरोजगार वृद्धि के लिए लघु एवं सूक्ष्म उद्योग के अन्तर्गत वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट (एक जनपद, दो उत्पाद) की स्वीकृति दी गई। इसका उद्देश्य उत्पाद क्लस्टर बनाना और जनपद को पहचान दिलाना है।

चिकित्सा शिक्षा के अन्तर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेज विविध संवर्ग सेवा नियमावली को मंजूरी।

सचिवालय, विधानसभा आदि में कार्य करने वाले गढ़वाल मंडल विकास निगम के नौ कार्मिकों का संविलियन किया जाएगा।

हल्द्वानी एवं दून राजकीय मेडिकल कॉलेज में बॉंड भरने वाले डॉक्टरों की फीस कम करने पर सैद्धांतिक सहमति दी गई।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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