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मुख्यमंत्री ने कहा, अधिकारियों की प्रवृत्ति जनता के कार्यों को सुलझाने की होनी चाहिए

देहरादून। न्यूज लाइव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल क्लब में विभागीय अधिकारियों के साथ मानसून की तैयारियों और विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति, वर्ग तक पहुंचाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कई बार शिकायत मिलती है कि अधिकारी आमजन के कार्यों को उलझा देते हैं, जबकि अधिकारियों की प्रवृत्ति कार्यों को सुलझाने की होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आमजन को ध्यान में रखकर ही कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग की समीक्षा करते हुए विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर को दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली सुधार के कैंप लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने सभी बिजली घरों में भी आमजन को बिजली बिल सुधार की व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सीएम ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दोगुने यात्री आदि कैलाश यात्रा पर आए हैं और भविष्य में इससे अधिक तीर्थयात्रियों के आने की संभावना है।

उन्होंने कुमाऊं आयुक्त और एमडी केएमवीएन को आने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून से पहले सड़कों का पैच वर्क, चौड़ीकरण आदि का कार्य पूरा कर लें। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को नालियों की साफ सफाई आदि के कार्य पूरे करने तथा बरसात के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली, पानी आदि की व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने 2025 में होने वाले कैंची धाम मेले से पहले सौंदर्यीकरण और अन्य कार्य पूरा करने ओर सेनिटोरियम बाईपास का पुल निर्माण, डामरीकरण, कैंची धाम के पास अमृत सरोवर आदि के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

Rajesh Pandey

राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन किया। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते थे, जो इन दिनों नहीं चल रहा है। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन किया।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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