रात में हनुमान जी की पूजा करने पर बनेंगे बिगड़े काम

Rajesh Pandey
यदि आप हनुमान जी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो रात में अवश्य हनुमान जी का पूजन करें। बजरंगबली अवश्य आपकी पुकार सुनेंगे। इसका कारण यह है कि भगवान राम के सबसे बड़े भक्त हनुमान जी हमेशा श्री राम की भक्ति में लीन रहते हैं। सारा दिन प्रभु की सेवा में लगे रहते हैं। ऐसी मान्यता है कि रात के समय जब भगवान श्री राम विश्राम करते हैं, उस समय हनुमान जी की पूजा की जाए तो वो अपने भक्तों की पुकार अवश्य सुनते हैं।
यदि आपके जीवन में किसी भी तरह की परेशानी है तो रात के समय हनुमान चालीसा का पाठ करें। यदि आप पाठ 9 बजे रात शुरू करते हैं तो हर दिन उसी वक्त करें। यानी पाठ करने का समय ना बदलें। अपना आसन भी एक ही रखें उसे भी ना बदलें। आप देखेंगे की 21 दिन लगातार पाठ करने के बाद आपकी समस्या हल होना शुरू हो जाएगी।
  • प्रत्येक मंगलवार तथा शनिवार रात 8 बजे श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें, कुछ ही दिन में बच्चे का स्वभाव बदलेगा और आपकी बात मानने लगेगा।
  • यदि आप विदेश में हैं और आपको सफलता नहीं मिल रही है तो हनुमान चालीसा का प्रतिदिन रात 8.30 बजे पाठ करें और कोशिश करें कि 9 दिन में 108 पाठ पूरे हो जाएं। आप देखेंगे आपको सफलता मिलने लगेगी।
  • हनुमान जी की पूजा उपासना करते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, आपके पूजा का स्थान साफ होना चाहिए।
  • हनुमान जी की पूजा के बाद आरती अवश्य करें।
  • हनुमान जी को बेसन से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
  • पूजा के स्थान पर शांति रहे, पूजा के दौरान टीवी ना चलाएं या कोई गीत, संगीत ना बजाएं
  • हनुमान जी का ऐसा चित्र अपने पूजा स्थान पर रखें, जिसमें श्री राम और लक्ष्मण दोनों हों।
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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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