FeaturedUttarakhand

उत्तराखंड पुलिस में खेल कोटे से भर्ती होगी, धामी ने लांच किए ’पब्लिक आई’ और ’मिशन गौरा शक्ति’ एप

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस मुख्यालय देहरादून में पुलिस विभाग की ‘‘पब्लिक आई एप’’ तथा महिला सुरक्षा के लिए ‘‘मिशन गौरा शक्ति’’ एप को लांच किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ द्वारा पर्यावरण संरक्षण, कोविड जागरूकता, हानिकारक कूड़े के निस्तारण व जोखिम पूर्ण स्थानों के चिह्नीकरण के लिए चलाये जा रहे माउंट गंगोत्री-1 पर्वतारोहण अभियान का फ्लैग ऑफ भी किया।

यह अभियान इंस्पेक्टर एसडीआरएफ अनीता गैरोला के नेतृत्व में 09 सितम्बर से 30 सितम्बर तक चलाया जाएगा। अभियोगों की विवेचना में गुणात्मक सुधार तथा सफल अनावरण के लिए मुख्यमंत्री ने विवेचकों को स्मार्ट एविडेंस टूलकिट टेबलेट प्रदान किए।

जल्द बनेगी एंटी ड्रग पालिसी

मुख्यमंत्री धामी  ने उत्तराखंड पुलिस की समीक्षा बैठक में कहा कि पुलिस में खेल कोटे की भर्ती शुरू की जाएगी।

पीएसी के जवानों के लिए बसों की व्यवस्था की जाएगी।

उत्तराखंड में शीघ्र एंटी ड्रग पॉलिसी बनाई जाएगी।

पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जाएगी।

पुलिस विभाग के आरक्षियों के ग्रेड पे के संबंध में  कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जल्द उचित समाधान निकाला जायेगा।

उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018 को और सख्त बनाया जाएगा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018 को और सख्त बनाया जाएगा। बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में आने वाले लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था किसी भी राज्य की सुरक्षा एवं समृद्धि का एक आवश्यक अंग है। उत्तराखंड पुलिस राज्य में अच्छा कार्य कर रही है।

अपराधियों को पकड़ने के लिए पुरस्कार राशि बढ़ाई जाएगी

इनामी अपराधियों को पकड़ने के लिए पुरस्कार राशि बढ़ाई जाएगी।

कोरोना काल में पुलिस द्वारा मिशन हौसला के तहत सराहनीय कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिस बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

उत्तराखंड पुलिस को आधुनिक बनाने में, जो भी आवश्यकता होगी, उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

साइबर क्राइम को रोकने के लिये ठोस रणनीति बनाएं

मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर क्राइम को रोकने के लिए लिए ठोस रणनीति बनाई जाए।

यातायात के नियमों, रोड सेफ्टी के प्रति लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाए। ट्रैफिक लाइट एवं सीसीटीवी निगरानी की समुचित व्यवस्था की जाए।

कार्यों के प्रति प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। थाना या चौकी स्तर के मामले जिले स्तर पर न आएं। जिला स्तर के मामले मुख्यालय स्तर एवं शासन स्तर पर न आएं, जिसकी जो जिम्मेदारी है, अपने स्तर पर शीघ्र उसका समाधान करें।

महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, नशा मुक्ति एवं साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं।

मिशन गौरा शक्ति अभियान

महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सजग एवं प्रभावी पहल के लिए उत्तराखंड पुलिस मिशन गौरा शक्ति अभियान चलाएगी। इसके तहत छेड़खानी जैसी घटनाओं में प्रभावी कार्रवाई, बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण एवं शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

इसके तहत पीड़िता इमरजेंसी की स्थिति में डायल कर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती है। ऑनलाइन ऑडियो, वीडियो एवं टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकती हैं। आपात स्थिति में 112 पर कॉल कर सकते हैं। अपनी शिकायत पर संबंधित पर हुई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त कर सकती है। एप के माध्यम से पुलिस के अन्य ऑफिसियल सोशल मीडिया अकाउंट पर भी संपर्क कर सकती हैं।

पब्लिक आई एप

उत्तराखंड प्रदेश की जनता अपनी शिकायतों के साथ-साथ आसपास घटित हो रहे आपराधिक या विधि का उल्लंघन करने वाले कृत्यों की फोटो या वीडियो बनाकर पुलिस को भेज सकते हैं।

शिकायतकर्ता अपने द्वारा पूर्व में की गई शिकायत व उस पर हुई कार्यवाही की प्रगति के बारे में जान सकते हैं।

साइबर क्राइम के बारे में शिकायत दर्ज की जा सकती है।

किसी भी प्रकार की ट्रैफिक समस्या या सड़क दुर्घटना के संबंध में फोटो या वीडियो बनाकर कार्यवाही के लिए अपलोड किया जा सकता है। आपात स्थिति में 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, अरविन्द सिंह ह्यांकी एवं पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Key words: Public Eye App, Mission Gaura Shakti App, Uttarakhand Police, Uttarakhand Police Service, Police Recruitment in Uttarakhand, Cyber Crime Complain

newslive24x7

राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button