एम्स ऋषिकेश में अब हर रोगी की होगी टी.बी. की जांच

Rajesh Pandey

ऋषिकेश। न्यूज लाइव

एम्स ऋषिकेश ने अब हर रोगी की क्षय रोग की जांच करने का निर्णय लिया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों सहित ओपीडी में आने वाले प्रत्येक रोगी को इसके दायरे में लाया जाएगा। 

भारत सरकार के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अनुरूप एम्स ऋषिकेश अब अस्पताल में आने वाले सभी रोगियों के लिए अनिवार्य रूप से तपेदिक (टीबी) की जांच शुरू करने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र में टीबी (क्षय रोग) पर नियंत्रण और उसका शीघ्र निदान व उपचार को सुनिश्चित करना है।

एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि नयी व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने और रोगी को चिन्हित करने के लिए विशेष फार्मेट तैयार किया गया है। प्रोटोकाॅल के तहत बाह्य रोगी विभागों (ओपीडी), विभिन्न वार्डों (आईपीडी) और विशेष क्लीनिकों में आने वाले सभी रोगियों से टीबी लक्षणो के बावत व्यापक पूछताछ कर उक्त फॉर्मेट में अंकित करना अनिवार्य किया गया है। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड के निर्देशों के अनुपालन में ओपीडी में आने वाले प्रत्येक रोगी की जांच और उसे आवश्यक परामर्श देते वक्त सम्बन्धित डाॅक्टर द्वारा रोगी से टीबी के लक्षणों के बारे में भी पूछा जाएगा। लक्षणों के आधार पर डाॅक्टर को टीबी मरीजों के पर्चे पर मुहर लगानी होगी, ताकि चिन्हित रोगी का इलाज समय रहते शुरू किया जा सके।

प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि इसका उद्देश्य टीबी के संकेत देने वाले किसी भी लक्षण की पहचान करना, समय पर निदान और पर्याप्त इलाज की सुविधा प्रदान करना है।

उल्लेखनीय है कि एम्स के पल्मोनरी विभाग के अधीन संचालित ओपीडी में टीबी रोगियों की जांच और उनके उपचार की सुविधा पहले ही उपलब्ध है। अब संस्थान की यह नयी पहल तपेदिक से निपटने और सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों को बढ़ावा देने में कारगर सिद्ध हो सकेगी।

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *