Khet Bachao Abhiyan Dehradun: देहरादून, 12 जून 2026: ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत शुक्रवार को बद्रीपुर, देहरादून में एक दिवसीय किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कुल 23 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 9 महिलाएं और 14 पुरुष शामिल हुए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कृषकों को सतत कृषि (Sustainable Agriculture), मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा पर्यावरण-अनुकूल आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. जे.एम.एस. तोमर (अध्यक्ष, पादप विज्ञान प्रभाग) ने फसलों और सब्जियों में संतुलित उर्वरक उपयोग तथा कीटनाशकों के विवेकपूर्ण प्रयोग पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने विशेष रूप से मृदा परीक्षण (Soil Testing) आधारित पोषक तत्व प्रबंधन, समेकित कीट प्रबंधन (IPM) और रासायनिक आदानों के सीमित व संतुलित उपयोग पर बल दिया।
Khet Bachao Abhiyan Dehradun: वहीं, डॉ. अनुपम बड ने किसानों को वर्मी कम्पोस्टिंग (केंचुआ खाद) की तकनीक और स्पेंट मशरूम कम्पोस्ट (Spent Mushroom Compost) के बहुआयामी उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया। उन्होंने बताया कि स्पेंट मशरूम कम्पोस्ट का उर्वरक एवं मल्च (Mulch) के रूप में उपयोग करने से न केवल मृदा की उर्वरता और जैविक कार्बन में वृद्धि होती है, बल्कि यह नमी संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इसके साथ ही, वरिष्ठ तकनीकी सहायक मुदित मिश्रा ने उद्यानिकी (हॉर्टिकल्चर) फसलों के उन्नत उत्पादन एवं प्रबंधन संबंधी बारीकियों से किसानों को अवगत कराया। उन्होंने बागवानी आधारित कृषि प्रणालियों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर विशेष प्रकाश डाला।
Khet Bachao Abhiyan Dehradun: कार्यक्रम के अंतिम सत्र में किसानों ने विशेषज्ञों से अपनी विभिन्न कृषि समस्याओं, पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक आदानों, कीट नियंत्रण तथा उद्यानिकी से जुड़े विषयों पर संवाद किया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया। कार्यक्रम का समापन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए सतत कृषि तकनीकों को अपनाने के संकल्प के साथ हुआ।




