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उत्तराखंड में मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना शुरू

देहरादून। प्रदेश में सहकारिता विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना की शुरुआत हो गई है।

देहरादून के बन्नू स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह, सहकारिता मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने योजना का शुभारम्भ किया।

राज्य के सभी 670 बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (एमपैक्स) का कम्प्यूटरीकरण तथा सहकारिता ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन किया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना शुरू करने और सभी एमपैक्स के कम्प्यूटरीकरण पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सहकारिता मंत्री डा.धन सिंह रावत को बधाई देते हुए कहा कि पिछले पौने पांच साल में प्रदेश का चहुंमुखी विकास हुआ है। युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री शाह ने मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना को प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे खास तौर हमारी माताओं व बहनों को काफी राहत मिलेगी। उनका बोझ कम होगा। वे अपना समय दूसरे आय अर्जन में कर सकेंगी।

साइंटिफिक पौष्टिक पशु चारा मिलने से गायों की दुग्ध क्षमता बढेगी, जिसका फायदा इस कार्यों में लगे लोगों को मिलेगा। इसके लिए मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने से किसानों को भी लाभ मिलेगा।

शाह ने कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है कि उत्तराखंड में प्रदेश की 670 एमपैक्स के कम्प्यूटरीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। जितना ज्यादा डिजीटलाइजेशन होगा, सहकारिता से जुड़े लोगों को उतनी ही अधिक सहूलियत होगी। तेलंगाना के बाद ऐसा करने वाला उत्तराखंड दूसरा राज्य है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय देशभर की सहकारिता समितियों के पूर्ण कम्प्यूटरीकरण पर काम करेगा। इसके लिए उत्तराखंड मॉडल का अध्ययन किया जाएगा।

अमृत महोत्सव में सहकारिता का अलग से पहली बार मंत्रालय बनाया गया है। शाह ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि वे देश के पहले सहकारिता मंत्री बने हैं। अलग से सहकारिता मंत्रालय का गठन किसानों, मजदूरों, मछुआरों और सहकारिता से जुड़े लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि लगभग 5 साल में चार धाम सड़क परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, एनएच पर किए गए कार्यों सहित 85 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं केंद्र से राज्य के लिए स्वीकृत हुई हैं।

इनमें से बहुत सी योजनाओं पर काम हो गया है, बहुत सी योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया। 5 नवम्बर को प्रधानमंत्री केदारनाथ आ रहे हैं। उस दिन शंकराचार्य जी की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। बदरीनाथ जी के मास्टर प्लान पर भी काम चल रहा है।

उन्होंने कहा उत्तराखंड सरकार ने कोविडरोधी टीकाकरण का कार्य जिस तेजी से किया है, वह सराहनीय है। उत्तराखंड में तमाम जगह ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। हाल ही में आई आपदा में मुख्यमंत्री एवं सरकार ने तत्परता से कार्य किया।

उन्होंने कहा, उत्तराखंड का विकास ऐसी जागरूक सरकार से ही संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड एवं देश तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने कहा उज्ज्वला योजना ,आयुष्मान भारत योजना जैसी तमाम योजनाओं से जनता को लाभ पहुंचाने का कार्य किया गया है। वन रैंक वन पेंशन  की मांग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया। उन्होंने कहा केदारनाथ मंदिर एवं बदरीनाथ मंदिर का विकास कार्य तेजी से चल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत करते हुए कहा कि हाल ही में आई आपदा में  अमित शाह ने प्रदेश की हर सम्भव सहायता की। उन्होंने एक अभिभावक की तरह हमारा साथ दिया।

उत्तराखंड में आई आपदा में तत्परता दिखाते हुए राज्य में बचाव कार्य के लिए सेना के तीन हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए। आपदा के दौरान डेढ़ लाख से ज्यादा तीर्थयात्री प्रदेश में आए हुए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना से माताओं व बहनों का जीवन आसान होगा। पशुओं के लिए पौष्टिक चारा घर पर ही उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने जो घोषणा की, उनका शासनादेश भी जारी किया। विभिन्न विभागों में रिक्त चल रहे 24 हजार पदों पर भर्ती एवं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए युवाओं के लिए प्रत्येक जिले में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण वितरित किए जा रहे है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कोविड वैक्सीन की शतप्रतिशत डोज का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने पर्याप्त संख्या में वैक्सीन उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

केंद्रीय रक्षा और पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना और सभी एम्पैक्स का कम्प्यूटरीकरण देश के गृह मंत्री ने किया है।

उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डा. धन सिंह रावत ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना और एम्पैक्स के कम्प्यूटरीकरण के बारे में बताया।

इस अवसर पर पर्वतीय जिलों से आई महिलाओं को मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना में साइलेज का किट दिया गया। इसी प्रकार कई महिला समूहों को दीनदयाल उपाध्याय सहकारी किसान कल्याण योजना के तहत 5- 5 लाख रुपये के चेक दिए।

इस दौरान उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, रेखा आर्य, स्वामी यतीश्वरानंद, बिशन सिंह चुफाल, बंशीधर भगत, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन कौशिक, सांसद अनिल बलूनी, अजय टम्टा, नरेश बंसल, माला राज्य लक्ष्मी शाह, दुष्यंत गौतम, रेखा वर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व तीरथ सिंह रावत, विजय बहुगुणा, मेयर सुनील उनियाल गामा आदि उपस्थित रहे।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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