By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ मद से 20 करोड़ रुपये जारी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > Disaster > राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ मद से 20 करोड़ रुपये जारी
DisasterFeaturedUttarakhand

राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ मद से 20 करोड़ रुपये जारी

Rajesh Pandey
Last updated: February 8, 2021 9:27 pm
Rajesh Pandey
5 years ago
Share
SHARE
  • मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपदा राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की
  • जानकारी के अनुसार, 18 शव मिले, 202 लोग लापता, 27 लोगों को सुरक्षित बचाया गया 
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, सांसद तीरथ सिंह रावत, चमोली जिला प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत ने तपोवन आदि क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया
  • कनेक्टिविटी से कटे गांवों में हेलीकाप्टर से पहुंचाई गई राशन व राहत सामग्री
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों, आपदा प्रबंधन, पुलिस, सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ बैठक कर जोशीमठ के रैणी क्षेत्र में आई आपदा में राहत एवं बचाव कार्यों का अपडेट जाना। जानकारी के अनुसार, 18 शव मिल गए हैं जबकि 202 लोग लापता हैं। वहीं 27 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। इनमें से एनटीपीसी से 12 और ऋषिगंगा प्रोजेक्ट से 15 लोग शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में खाद्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो। राहत एवं बचाव कार्यों में लगे कार्मिकों को भी सभी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध हों। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ मद से 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।

संवेदनशील स्थानों का समय-समय पर सर्वे के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का समय-समय पर सर्वे कराया जाए। एसडीआरएफ की टीमें भी संवेदनशील स्थानों के निकट तैनात की जाएं।आईआरएस के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान ने जानकारी दी कि ताजी बर्फ के स्खलन से आपदा की संभावना जताई जा रही है। इसकी वजह से नदी के जल स्तर में तेजी से वृद्धि हुई। अब स्थिति सामान्य है।

प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी की सुचारू आपूर्ति

बैठक में जानकारी दी गई प्रभावित क्षेत्र के आस-पास बिजली एवं पानी की आपूर्ति सुचारू है। तत्काल राहत के लिए एक हजार राशन के पैकेट एवं अन्य सामग्री भेजी गई है। रेस्क्यू जारी है।

Contents
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपदा राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा कीजानकारी के अनुसार, 18 शव मिले, 202 लोग लापता, 27 लोगों को सुरक्षित बचाया गया केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, सांसद तीरथ सिंह रावत, चमोली जिला प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत ने तपोवन आदि क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लियाकनेक्टिविटी से कटे गांवों में हेलीकाप्टर से पहुंचाई गई राशन व राहत सामग्रीदेहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों, आपदा प्रबंधन, पुलिस, सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ बैठक कर जोशीमठ के रैणी क्षेत्र में आई आपदा में राहत एवं बचाव कार्यों का अपडेट जाना। जानकारी के अनुसार, 18 शव मिल गए हैं जबकि 202 लोग लापता हैं। वहीं 27 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। इनमें से एनटीपीसी से 12 और ऋषिगंगा प्रोजेक्ट से 15 लोग शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में खाद्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो। राहत एवं बचाव कार्यों में लगे कार्मिकों को भी सभी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध हों। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ मद से 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।लापता लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता के लिए जारी होगी एसओपी मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि सरकार की मंशा है कि लापता लोगों के परिजनों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसकी प्रक्रिया तय करने के लिए जल्द ही एक एसओपी जारी की जाएगी।जिलाधिकारी ने बताया  कि जब तक यहां पर वैकल्पिक व्यवस्था या पुल तैयार नही हो जाता, तब तक हेली से यहां पर रसद पहुंचाने का काम जारी रहेगा और जल्द से जल्द क्षेत्र के लोगो की परेशानियां दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।गांवों मे फंसे लोगो को राशन किट के साथ 5 किलो चावल, 5 किग्रा आटा, चीनी, दाल, तेल, नमक, मसाले, चायपत्ती, साबुन, मिल्क पाउडर, मोमबत्ती, माचिस आदि राहत सामग्री हेली से भेजी जा रही हैं।आपदा प्रभावित क्षेत्र के साथ ही अलकनन्दा नदी तटों पर जिला प्रशासन की टीम लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ के 70, एनडीआरएफ के 129, आईटीबीपी के 425 जवान एसएसबी की 1 टीम, आर्मी के 124 जवान, आर्मी की 02 मेडिकल टीम, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड की 02 मेडिकल टीमें लगी हुई हैं। घटना के बाद 18 शव मिल गए हैं जबकि 202 लोग लापता हैं। एनटीपीसी से 12 और ऋषिगंगा प्रोजेक्ट से 15 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।
लापता लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता के लिए जारी होगी एसओपी
मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि सरकार की मंशा है कि लापता लोगों के परिजनों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसकी प्रक्रिया तय करने के लिए जल्द ही एक एसओपी जारी की जाएगी।

केंद्रीय मंत्रियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, सांसद तीरथ सिंह रावत, चमोली जिला प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत ने भी तपोवन आदि क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बात की। विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट, विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने भी तपोवन एवं रैणी मे आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।

सर्च व रेस्क्यू  आपरेशन तेजी से जारी
चमोली जिले में रविवार को आई आपदा के दूसरे दिन भी रेस्क्यू आपरेशन पूरे दिनभर जारी रहा। आपदा में सड़क पुल बहने के कारण नीति घाटी के जिन 13 गांवों से संपर्क टूट गया है, उनमें जिला प्रशासन चमोली  हेलीकॉप्टर से राशन, मेडिकल एवं रोजमर्रा की चीजें पहुंचा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया  कि जब तक यहां पर वैकल्पिक व्यवस्था या पुल तैयार नही हो जाता, तब तक हेली से यहां पर रसद पहुंचाने का काम जारी रहेगा और जल्द से जल्द क्षेत्र के लोगो की परेशानियां दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
गांवों मे फंसे लोगो को राशन किट के साथ 5 किलो चावल, 5 किग्रा आटा, चीनी, दाल, तेल, नमक, मसाले, चायपत्ती, साबुन, मिल्क पाउडर, मोमबत्ती, माचिस आदि राहत सामग्री हेली से भेजी जा रही हैं।
आपदा प्रभावित क्षेत्र के साथ ही अलकनन्दा नदी तटों पर जिला प्रशासन की टीम लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ के 70, एनडीआरएफ के 129, आईटीबीपी के 425 जवान एसएसबी की 1 टीम, आर्मी के 124 जवान, आर्मी की 02 मेडिकल टीम, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड की 02 मेडिकल टीमें लगी हुई हैं। घटना के बाद 18 शव मिल गए हैं जबकि 202 लोग लापता हैं। एनटीपीसी से 12 और ऋषिगंगा प्रोजेक्ट से 15 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।

You Might Also Like

किमाड़ी गांव में लगाए पिंजरे में कैद किया गुलदार
Uttarakhand: दस अगस्त को होगी बेसिक शिक्षकों की काउंसिलिंग
हरीश रावत के ट्वीट पर कैप्टन अमरिंदर ने इस तरह दीं शुभकामनाएं…
महिला पर्वतारोहियों का दल भागीरथी पीक के लिए रवाना
एम्स ऋषिकेश के सीनियर डॉक्टर संतोष, लोगों के बीच जाकर पूछते हैं स्वास्थ्य समस्याएं
TAGGED:Disaster affected areaDisaster in UttarakhandDisaster Management and relief workRelief and Rescue
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article जोशीमठ के रैणी क्षेत्र में अब स्थिति नियंत्रण में, खतरे वाली बात नहीं, मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण
Next Article ग्लेशियरों के पिघलने से बनी झीलों से बढ़ा आपदा का खतरा  
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?