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उत्तराखंड में भूसे के रेट पर नियंत्रण नहीं हुआ तो डेयरी फार्मर आंदोलन करेंगे

देहरादून में प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिशन की बैठक में किया गया फैसला

देहरादून। उत्तराखंड में भूसे की आपूर्ति सामान्य नहीं होने तथा बढ़ते दामों से नाराज प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन ने आंदोलन की चेतावनी दी है। आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए 17 मई देहरादून स्थित किसान भवन पर सभा करने का निर्णय लिया गया।

प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर ललित बाड़ाकोटी ने बताया, आज गुरुवार को एमकेपी सोसाइटी के सभागार में बैठक में भूसे के बढ़ते दामों पर चिंता व्यक्त की गई। भूसे के दामों पर नियंत्रण नहीं होने से डेयरी फार्मर्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं भूसे की आपूर्ति भी सामान्य नहीं हो रही है। इससे डेयरी फार्मिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया, 17 मई को किसान भवन में बड़ी बैठक आयोजित करने पर विचार हुआ और यदि भूसे की आपूर्ति की स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी ।

बैठक में भूसे के विकल्पों पर भी चर्चा हुई । इस अवसर पर पीडीएफए पंजाब से संबंध प्रोग्रेसिव डेयरी सॉल्यूशन के प्रतिनिधि तरुण व सौरभ ने डेयरी संबंधी उत्पादों की जानकारी दी और पैक्ड भूसे और साइलेज की आपूर्ति में सहयोग देने को कहा।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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