स्वास्थ्य विभाग की सलाहः बासी और खुले में रखे पदार्थों को खाने से बचें, पानी उबालकर पीएं, घरों के आसपास पानी जमा न होने दें

Rajesh Pandey

जल एवं मच्छर से पैदा होने वाली बीमारियों का खतरा

देहरादून 08 सितंबर,2026ः बरसात में पानी और मच्छरों से पैदा होने वाले संक्रामक रोगों की आशंका बढ़ जाती है। डायरिया, पेचिश, टायफायड, हैजा, पीलिया एवं हेपेटाइटिस जैसे रोगों के साथ ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले भी बढ़ने की आशंका रहती है। इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के माध्यम से प्राप्त रिपोर्टों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने तथा बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह

  • बासी भोजन, बाजार में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों एवं अधपके भोजन को न खाएं।
  • तरबूज, खरबूजा, गन्ने का रस आदि का सेवन केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित होने पर ही करें।
  • ठंडी वस्तुओं में उपयोग होने वाली बर्फ का सेवन न करें, क्योंकि इसमें दूषित पानी इस्तेमाल होने की संभावना रहती है।
  • घर में पानी को अच्छी तरह उबालकर रखें और पीने तथा खाना बनाने में इसी का प्रयोग करें।
  • पानी को क्लोरीनयुक्त करने के लिए क्लोरीन की गोलियों का प्रयोग स्वास्थ्य कर्मियों के निर्देशानुसार ही किया जाए।
  • शौचालय के उपयोग के बाद तथा भोजन करने से पहले साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाएं।
  • फलों एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही सेवन करें।

मच्छरों से होने वाली रोगों की रोकथाम के लिए जरूरी उपाय

  • डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए घरों एवं आसपास पानी एकत्रित न होने दें।
  • पानी की सभी टंकियों एवं जल भंडारण के बर्तनों को ढंककर रखें।
  • घरों में लगे गमलों के नीचे पानी एकत्रित करने वाली ट्रे न लगाएं और गमलों में पानी जमा न होने दें।
  • फ्रिज के पीछे, कूलर, गुलदस्तों, मनी प्लांट, पानी के बर्तनों सहित ऐसे सभी स्थानों की नियमित रूप से सफाई करें, जहां पानी जमा हो सकता है। इन वस्तुओं का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार पूरी तरह खाली कर उन्हें सुखाकर ही दोबारा उपयोग करें।
  • पुराने टूटे बर्तन, बोतल, डिब्बे, बेकार टायर आदि खुले में न फेंकें। इनमें जमा होने वाला पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के प्रजनन का कारण बन सकता है।
  • मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करने।
  • आवश्यकता के अनुसार मच्छररोधी साधनों का उपयोग करें।
  • ऐसे कपड़े पहनें, जिनसे शरीर का अधिक से अधिक हिस्सा ढंका रहे।
  • बच्चों एवं आमजन को मच्छर जनित रोगों से बचाव के संबंध में जागरूक करें।

ये लक्षण दिखें तो तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें

अगर निम्न लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। ये लक्षण डेंगू सहित अन्य संक्रामक रोगों के संकेत हो सकते हैं।

तेज बुखार, सिरदर्द, बदन एवं मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द तथा शरीर पर लाल चकत्ते

महत्वपूर्ण जानकारियां

  • स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बिना चिकित्सकीय परामर्श के कोई दवा नहीं लेने की अपील की है।
  • डेंगू की जांच सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है।
  • ऐसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल से संपर्क कर चिकित्सकीय सलाह एवं जांच अवश्य कराएं।
  • स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और मच्छरों की रोकथाम को अपनी दैनिक आदतों का हिस्सा बनाकर ही मानसून के दौरान संक्रामक रोगों से बचाव सुनिश्चित किया जा सकता है।
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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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