श्रीनगर गढ़वाल, 3 सितंबर, 2026ः गढ़वाल के उन लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जो गंजेपन की समस्या के कारण लंबे समय से परेशान हैं और महंगे उपचार का खर्च वहन नहीं कर सकते। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल में पहली बार FUE (फॉलिक्युलर यूनिट एक्सट्रैक्शन) तकनीक से हेयर ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू कर दी गई है। खास बात यह है कि यह सुविधा मरीजों को पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
गढ़वाल क्षेत्र में सरकारी स्तर पर इस तरह की सेवा की शुरुआत को स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अस्पताल के त्वचा रोग विभाग (डर्मेटोलॉजी) में विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक डिमरी और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अत्रेयो चक्रवर्ती के संयुक्त प्रयासों से यह संभव हुआ है।
हाल ही में श्रीकोट निवासी एक व्यक्ति के हेयर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को करीब छह से सात घंटे का समय लगा। लाभान्वित व्यक्ति ने चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रबंधन का आभार जताते हुए कहा कि इतनी महंगी प्रक्रिया का सरकारी अस्पताल में निःशुल्क मिलना उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा, जो आर्थिक तंगी के कारण निजी अस्पतालों में इलाज कराने में असमर्थ हैं।
निजी क्लीनिकों एवं कॉर्पोरेट अस्पतालों में हेयर ट्रांसप्लांट को एक बेहद महंगी कॉस्मेटिक प्रक्रिया माना जाता है, जहां प्रति ग्राफ्ट की दर के अनुसार इसका खर्च 1.5 लाख से लेकर 5 लाख रुपये या उससे भी अधिक पहुंच जाता है। ऐसे में बेस अस्पताल की यह पहल आम जनमानस के लिए आर्थिक दृष्टि से बहुत बड़ी राहत है।
क्या है FUE तकनीक?
FUE यानी Follicular Unit Extraction हेयर ट्रांसप्लांट की एक अत्याधुनिक तकनीक है। इसमें सिर के उस हिस्से से, जहां बालों की जड़ें मजबूत होती हैं (डोनर एरिया), छोटे-छोटे फॉलिक्युलर यूनिट (हेयर ग्राफ्ट) निकाले जाते हैं और उन्हें गंजेपन से प्रभावित हिस्से में बारीकी से प्रत्यारोपित किया जाता है। डॉ. अत्रेयो चक्रवर्ती के अनुसार, मरीज की जरूरत और गंजेपन की स्थिति के आधार पर सामान्यतः 1,000 से 5,000 तक ग्राफ्ट लगाए जा सकते हैं, जिसमें लगने वाला समय स्थिति के अनुरूप तय होता है।
एम्स से आए डॉक्टर का संकल्प
इस सेवा को धरातल पर उतारने के पीछे डॉ. अत्रेयो चक्रवर्ती का एक खास संकल्प रहा है। उन्होंने बताया कि एम्स से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ठाना था कि डर्मेटोलॉजी के क्षेत्र का सबसे महंगा उपचार वे जरूरतमंद मरीजों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगी। श्रीनगर बेस अस्पताल में नियुक्ति के बाद उन्होंने अपने इसी संकल्प को पूरा करते हुए यह सुविधा शुरू कराई।
चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही होगा उपचार
चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि हेयर ट्रांसप्लांट हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता। इसलिए इच्छुक मरीजों का पहले गहन परीक्षण किया जाएगा। उनकी समस्या, बालों की गुणवत्ता और डोनर एरिया का आकलन करने के बाद ही विशेषज्ञ तय करेंगे कि ट्रांसप्लांट किया जाना संभव है या नहीं। इस सेवा का लाभ लेने के लिए मरीज बेस अस्पताल के त्वचा रोग विभाग में संपर्क कर सकते हैं।
इस चिकित्सा टीम में डॉ. स्वाति, डॉ. एशना सिंह, डॉ. तुलिका कोनल, डॉ. नाजिया तल्ले, डॉ. दीक्षा अग्रवाल, डॉ. अमित बाछले, डॉ. नमित, डॉ. अनुभव अनुराग और टैक्नीशियन शामिल रहे।
“विभाग में हेयर ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने से मरीजों को आधुनिक उपचार का एक और सशक्त विकल्प मिला है। इससे पहले भी विभाग में फोटोथेरैपी और लेजर तकनीक से विभिन्न त्वचा रोगों का सफल उपचार किया जा रहा है। हमारा निरंतर प्रयास है कि क्षेत्रवासियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं यहीं विशेषज्ञ देखरेख में मिलें, ताकि उन्हें उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।”
— डॉ. दीपक डिमरी, एचओडी, त्वचा रोग विभाग, बेस अस्पताल श्रीनगर



