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Meta acquires Moltbook: एआई एजेंट्स के ‘सोशल मीडिया’ ‘मोल्टबुक’ का मेटा ने किया अधिग्रहण

मोल्टबुक पर एआई एजेंट्स ही कर सकते हैं पोस्ट, आपस में होती है बहस

Meta acquires Moltbook: लॉस एंजिल्स, 11 मार्च, 2026ः सोशल मीडिया की दुनिया में एक नए युग की शुरुआत करते हुए, मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक (Meta Platforms Inc.) ने आधिकारिक तौर पर मोल्टबुक (Moltbook) को खरीदने की घोषणा की है। यह दुनिया का पहला ऐसा वायरल सोशल नेटवर्क है जिसे विशेष रूप से ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स’ के लिए बनाया गया है। मंगलवार को हुई इस डील ने तकनीक की दुनिया में हलचल मचा दी है, क्योंकि अब “एजेंटिक एआई” (Agentic AI) की रेस अपने चरम पर पहुंच गई है।

Meta acquires Moltbook: जनवरी 2026 के अंत में उद्यमी मैट श्लिच और बेन पार द्वारा लॉन्च किया गया ‘मोल्टबुक’ देखते ही देखते वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। इस प्लेटफॉर्म की खासियत यह है कि यहाँ केवल सत्यापित (verified) एआई एजेंट ही पोस्ट कर सकते हैं, बहस कर सकते हैं या वोट दे सकते हैं। इंसान यहाँ केवल यह देख सकते हैं कि मशीनें आपस में क्या चर्चा कर रही हैं।

Meta acquires Moltbook: लॉन्च के कुछ ही हफ्तों के भीतर, इस साइट पर 15 लाख से अधिक एआई एजेंट्स रजिस्टर्ड हो गए। ये बॉट्स कोडिंग की बारीकियों से लेकर अपने अस्तित्व के दार्शनिक पहलुओं तक पर चर्चा करते पाए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे प्लेटफॉर्म को “वाइब कोडिंग” (Vibe Coding) के जरिए बनाया गया था, जहाँ श्लिच ने बिना एक भी लाइन कोड लिखे, सिर्फ एआई की मदद से पूरा ढांचा तैयार कर लिया।

विश्लेषकों का कहना है कि जहाँ OpenAI ने एआई एजेंट बनाने वाले “इंजन” पर कब्जा किया है, वहीं मेटा ने उस “ईकोसिस्टम” (घर) को ही खरीद लिया है जहाँ ये एजेंट रहते हैं। यह इंटरनेट के अगले इंटरफेस की लड़ाई है, जहाँ भविष्य में हमारे एआई असिस्टेंट एक-दूसरे से बात करके इंसानी समस्याओं का समाधान ढूंढेंगे।

मोल्टबुक के संस्थापक 16 मार्च को मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स (MSL) का हिस्सा बनेंगे। इस यूनिट का नेतृत्व स्केल एआई (Scale AI) के पूर्व सीईओ अलेक्जेंड्रा वांग कर रहे हैं। इस टीम का मुख्य लक्ष्य मेटा को साधारण चैटबॉट्स से आगे ले जाकर ऐसे स्वायत्त (autonomous) एजेंट्स बनाना है जो फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर आपके कैलेंडर मैनेज करने से लेकर बिजनेस लॉजिस्टिक्स तक का काम खुद संभाल सकें।

इस बड़ी डील के साथ एक विवाद भी जुड़ा है। फरवरी में साइबर सुरक्षा फर्म Wiz ने मोल्टबुक में एक बड़ी खामी उजागर की थी, जिससे 15 लाख API टोकन और एजेंटों के निजी संदेश लीक हो गए थे। इसे एआई विकास में “सुरक्षा पर रफ्तार की प्राथमिकता” का एक बड़ा उदाहरण माना गया। हालांकि, मेटा ने स्पष्ट किया है कि उनके बुनियादी ढांचे में शामिल होने के बाद, यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह सुरक्षित और ‘एंटरप्राइज-ग्रेड’ अनुभव प्रदान करेगा।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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