ElectionFeaturedPoliticsUttarakhand

उत्तराखंड चुनावः बार-बार बदलता रहा बदरीनाथ और केदारनाथ सीटों का स्वरूप

यूपी के समय में पहले अलग-अलग और फिर बदरीनाथ और केदारनाथ एक ही सीट हो गई

देहरादून। उत्तराखंड में बदरीनाथ और केदारनाथ अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए 1957 व 1962 में हुए दूसरे व तीसरे चुनावों में भी बदरीनाथ और केदारनाथ सीटें अलग-अलग थीं, लेकिन बाद में दोनों को मिलाकर बदरी-केदार सीट विधानसभा क्षेत्र नाम दिया गया। 1967 से लेकर 1996 तक उत्तर प्रदेश के कार्यकाल में बदरी केदार सीट पर ही चुनाव हुए।

वर्ष 1997 में रुद्रप्रयाग जिला बना और बदरीनाथ चमोली तथा केदारनाथ क्षेत्र रुद्रप्रयाग जिले में आ गए। 1996 के बाद सीधे उत्तराखंड विधानसभा के लिए 2002 में चुनाव हुए।

1957 के चुनाव में बदरीनाथ, केदारनाथ सीटें अस्तित्व में आईं। तब बदरीनाथ सीट पर 74,180 तथा केदारनाथ सीट पर 64,940 मतदाता थे। 1962 में भी इन दोनों सीटों पर लगभग इतने ही मतदाता थे, लेकिन 1967 में हुए चुनाव में दोनों सीटों के स्थान पर केवल बदरी-केदार सीट पर हुए चुनाव में 79,180 मतदाता ही थे। इससे स्पष्ट है कि इन सीटों के अधिकतर क्षेत्रों को अन्य विधानसभा सीटों का हिस्सा बना दिया गया था।

1957 के पहले चुनाव में बदरीनाथ सीट पर निर्दलीय घनश्याम निर्वाचित हुए, जबकि उस समय पूरे देश में कांग्रेस की लहर थी। केदारनाथ सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र सिंह जीते। 1962 में कांग्रेस के योगेश्वर प्रसाद खंडूड़ी बदरीनाथ तथा गंगाधर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए।

1967 में बदरीकेदार सीट पर कांग्रेस के गंगाधर, 1969 में निर्दलीय नरेंद्र सिंह, 1974 में कांग्रेस के नरेंद्र सिंह, 1974 में जनता पार्टी के प्रताप सिंह, 1980 में निर्दलीय कुंवर सिंह नेगी, 1985 में कांग्रेस के संतन बड़थ्वाल, 1989 में कांग्रेस के कुंवर सिंह नेगी विधायक निर्वाचित हुए।

उत्तर प्रदेश विधान के 1991, 1993 व 1996 के चुनावों में भाजपा के केदार सिंह फोनिया लगातार तीन बार बदरी-केदार सीट पर विधायक चुने गए। इसके बाद राज्य निर्माण के बाद 2002 में उत्तराखंड विधानसभा के लिए पहले चुनाव हुए। बदरीनाथ और केदारनाथ  क्षेत्र क्रमशः चमोली एवं रुद्रप्रयाग जिलों में होने के कारण विधानसभा सीटें भी अलग-अलग हो गईं।

बदरीनाथ सीट पर 2002 में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अनुसूया प्रसाद मैठानी, 2007 में भाजपा के केदार सिंह फोनिया, 2012 में कांग्रेस के राजेंद्र सिंह भंडारी व 2017 में भाजपा के महेंद्र भट्ट विधायक निर्वाचित हुए। वहीं केदारनाथ सीट पर 2002 व 2007 में भाजपा की आशा नौटियाल, 2012 में कांग्रेस की शैला रानी रावत व 2017 में कांग्रेस के मनोज रावत विधायक निर्वाचित हुए।

इस बार 2022 के विधानसभा चुनाव में बदरीनाथ सीट पर कांग्रेस के राजेंद्र भंडारी व भाजपा के महेंद्र भट्ट मैदान में हैं, जबकि केदारनाथ सीट पर कांग्रेस ने मनोज रावत को प्रत्याशी घोषित किया है, यहां अभी भाजपा ने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button