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Google AI Music Generation: आपके कंटेंट पर अब Google Gemini बनाएगा सुरीली धुनें!, जानिए कैसे

Google AI Music Generation: नई दिल्ली, 19 फरवरी, 2026: तकनीक की दुनिया में एक बड़ा बदलाव आया है। अब कंटेंट क्रिएटर्स को म्यूजिक के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। गूगल ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल के जरिए ‘म्यूजिक जनरेशन’ फीचर को रोलआउट करना शुरू कर दिया है। यह फीचर सीधे आपके शब्दों (Prompts) को संगीत में बदलने की क्षमता रखता है।

Google AI Music Generation: गूगल के म्यूजिक मॉडल Lyria और Music AI Sandbox की मदद से अब यूजर केवल टेक्स्ट लिखकर अपनी पसंद का संगीत तैयार कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप लिखते हैं “पहाड़ों में सुबह की शांति को दर्शाने वाली बांसुरी की धुन,” तो AI कुछ ही सेकंड में एक ओरिजिनल ट्रैक तैयार कर देगा।

यह तकनीक केवल रैंडम आवाजें पैदा नहीं करती, बल्कि संगीत के पीछे की भावनाओं और लय (Rhythm) को समझती है।

  1. विवरण दें: आप संगीत की शैली (Genre), मूड और वाद्ययंत्रों का चयन कर सकते हैं।

  2. इंस्टेंट क्रिएशन: AI करोड़ों धुनों के डेटाबेस से सीखकर एक बिल्कुल नया और यूनिक ट्रैक बनाता है।

  3. वॉटरमार्किंग (SynthID): सुरक्षा और कॉपीराइट का ध्यान रखते हुए, गूगल इसमें SynthID तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, जो यह पहचान सुनिश्चित करती है कि यह संगीत AI द्वारा निर्मित है।

क्रिएटर्स के लिए इसके फायदे

Google AI Music Generation: यह फीचर विशेष रूप से उन लोगों के लिए क्रांतिकारी साबित होगा जो डिजिटल कंटेंट बनाते हैं:

  • कवि और कहानीकार: अपनी रचनाओं के पीछे अब आप खुद का बनाया बैकग्राउंड स्कोर लगा सकेंगे।

  • यूट्यूबर्स: वीडियो के लिए कॉपीराइट-फ्री म्यूजिक का संघर्ष अब खत्म होगा।

  • एजुकेटर्स: बच्चों के लिए सुरीली लोरी और कविताएं बनाना अब बेहद आसान होगा।

एआई जनरेटेड संगीत को लेकर अक्सर कॉपीराइट विवादों का डर रहता है। इसके समाधान के लिए गूगल ने डिजिटल वॉटरमार्किंग तकनीक अपनाई है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कौन सा संगीत मानव निर्मित है और कौन सा एआई द्वारा।

वीडियो मिक्सिंग और वॉटरमार्क

सुरक्षा के लिए इसमें SynthID तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह एक डिजिटल वॉटरमार्क है जो ऑडियो के भीतर छिपा रहता है। अगर आप इस संगीत के साथ अपना वॉइसओवर (Voiceover) जोड़ते हैं या इसे वीडियो विजुअल्स के साथ मिक्स करते हैं, तब भी यह वॉटरमार्क बना रहता है। इससे यह पहचानना आसान होता है कि संगीत AI द्वारा बनाया गया है, जो कॉपीराइट विवादों को सुलझाने में मदद करता है।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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