AIIMS Rishikesh में मरीजों को मिलेगी यह बेहतरीन सुविधा

Rajesh Pandey

ऋषिकेश। एम्स में रोगियों के लिए एक शानदार खबर है। आयुष्मान कार्ड धारकों को अब एम्स की पंजीकरण वाली लंबी लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। एम्स अस्पताल प्रशासन ने सुविधाओं में इजाफा करते हुए अस्पताल बिल्डिंग के प्रत्येक तल पर आयुष्मान पंजीकरण काउंटर की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है।

एम्स में अभी तक भर्ती का पर्चा बनवाने और डिस्चार्ज प्रक्रिया के लिए मरीजों व उनके तिमारदारों को लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ता था, लेकिन अब अस्पताल प्रशासन ने आयुष्मान कार्डधारक मरीजों के लिए प्रत्येक तल पर पंजीकरण काउंटर खोल दिए हैं। इन काउंटरों पर अस्पताल में भर्ती और डिस्चार्ज कराने की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। ये काउंटर चौबीस घंटे संचालित होंगे।

एम्स के चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर संजीव कुमार मित्तल ने बताया, अस्पताल ब्लाॅक के तृतीय, चतुर्थ, पंचम और छठे तल पर अलग-अलग आयुष्मान काउंटर खोले गए हैं। विभिन्न वार्डों में भर्ती आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को अब एडमिशन, डिस्चार्ज और बिलिंग आदि कार्यों के लिए ग्राउंड फ्लोर पर आने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने बताया, ट्राॅमा बिल्डिंग में भी द्वितीय तल के डी ब्लाॅक में ट्राॅमा मरीजों के लिए एक अतिरिक्त आयुष्मान काउंटर कार्यरत है। जबकि, डायलिसिस मरीजों के लिए अस्पताल की चौथी मंजिल में पहले से ही एक काउंटर है। अस्पताल में इलाज सम्बन्धी विभिन्न जानकारी प्राप्त करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने पूछताछ और हेल्प डेस्क भी स्थापित की है।

कोई भी मरीज अथवा तिमारदार सप्ताह के प्रत्येक दिवस में चौबीस घन्टे कार्य करने वाले एम्स के इन्क्वायरी नंबर 8475000144 पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में न्यूरो ओपीडी के निकट और ट्राॅमा बिल्डिंग के सम्मुख कोविड जांच केन्द्र स्थल के समीप ’सेवावीर हेल्प डेस्क’ भी स्थापित है।

ट्राॅमा हेल्प लाइन नंबर पर चिकित्सीय परामर्श भी मिलेगा

एम्स के ट्राॅमा हेल्प लाइन टोल फ्री नंबर 18001804278 पर अब ट्राॅमा मरीजों के लिए आपात चिकित्सीय परामर्श सुविधा भी शुरू कर दी गई है।

प्रो. मित्तल ने बताया कि उक्त टोल फ्री नंबर सप्ताह के सभी दिनों में चौबीस घंटे कार्य करता है। इस नंबर पर संपर्क कर ट्राॅमा वार्ड में भर्ती मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी, बेड की उपलब्धता, किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर घायल मरीज के तात्कालिक उपचार संबंधी मेडिकल परामर्श और डिस्चार्ज होने वाले पेशेंट टेलिमेडिसिन कन्सलटेंसी के रूप में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया, इसके अलावा एम्स के सेवावीरों के लिए पीली जैकेट का ड्रेस कोड लागू किया गया है। पीली जैकेट पहने एम्स के सेवावीर, असहाय मरीजों के मार्गदर्शन और उनकी सहायता के लिए ओपीडी टाइम के अलावा रात्रि समय में भी उपलब्ध रहेंगे।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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