तक धिनाधिनः मैं कभी बूढ़ा नहीं होऊंगा
ऋषिकेश वो शहर है, जिसने मुझे पत्रकारिता करना सिखाया और आगे बढ़ने का मौका दिया। बहुत अच्छा शहर है और उतने ही अच्छे यहां के लोग। काफी समय बाद ऋषिकेश का रुख किया था। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से ऋषिकेश नटराज चौक तक घने जंगल से गुजरती सड़क पर सफर मुझे बहुत पसंद है। सात मोड़ और सड़क … Continue reading तक धिनाधिनः मैं कभी बूढ़ा नहीं होऊंगा
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